पटना: राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए सभी वर्गों से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समाज न्याय और सम्मान की परंपरा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एकजुट है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।

सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि 2005 के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया। उन्होंने बताया कि बिहार का बजट वर्ष 2024 में बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 211 डिग्री कॉलेजों में एक साथ पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूलों में करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बिहार की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश विरासत को विकसित करने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि माता सीता से जुड़ी विरासत के विकास पर भी काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने एकता का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।