पटना:कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मिमिक्री को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, जदयू नेताओं की ओर से भी इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में अलग-अलग विचार रखने वाले लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि किसको कौन रोक सकता है, हर व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है।

वहीं,जेडीयू नेता श्याम रजक ने व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत लांछन नहीं होना चाहिए और लड़ाई नीतिगत मुद्दों पर होनी चाहिए। उनके अनुसार नीतिगत बातों पर कुछ भी कहना राजनीतिक बहस का हिस्सा हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं है।

श्याम रजक ने इसे घिनौना कृत्य बताते राहुल गांधी को राजनीतिक प्रशिक्षण की सलाह दीकहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों की जितनी निंदा की जाए, कम है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक प्रशिक्षण लेने की सलाह दी।

विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के कार्यक्रम के एक वीडियो को लेकर हुई। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत मां से जुड़ी बातचीत का मजाक उड़ाया गया। बीजेपी और कांग्रेस की ओर से साझा किए गए वीडियो में राहुल गांधी को मंच पर मौजूद कॉमेडियन की बातों के दौरान हंसते हुए देखा जा सकता है।

इस पूरे मामले पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे बिहार में भी विवाद को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है।

बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट