देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में 15 वर्षों तक योगदान देने के बाद भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होकर कोडरमा के राहुल रंजन तिवारी अपने गांव नईटांड लौटे, तो पूरा गांव गौरव और उत्साह से भर उठा। दरअसल आज जयनगर प्रखंड निवासी दशरथ तिवारी के पुत्र राहुल का परसाबाद रेलवे स्टेशन पर गांव के युवाओं ने देशभक्ति नारों और गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया।
गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। राहुल रंजन तिवारी ने अगस्त 2011 में भारतीय नौसेना में योगदान दिया था। अपने 15 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने कई युद्धपोतों पर तैनात रहकर देश की समुद्री सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। उनकी घर वापसी ग्रामीणों के लिए गर्व का क्षण बनी। राहुल ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए शॉर्टकट नहीं, बल्कि मेहनत और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने नौसेना में अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव भी साझा किए।
