खेल की दुनिया से झारखंड के लिए एक बेहद गर्व भरी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। रामगढ़ जिले के एक छोटे से गांव के लाल ने अपनी मेहनत और कुश्ती के दांव-पेंच से पूरे देश में राज्य का नाम रोशन कर दिया है।यह कहानी है रामगढ़ जिले के चुंबा गांव के रहने वाले युवा पहलवान हिमांशु कुमार की। हिमांशु ने हरियाणा के सोनीपत में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप के अंडर-17 ओपन वर्ग (52 किलोग्राम फ्रीस्टाइल मुकाबले) में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में हिमांशु ने हरियाणा के ही एक कड़े प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त देकर यह प्रतिष्ठित पदक अपने नाम किया। उनकी इस शानदार जीत से न सिर्फ उनके पैतृक गांव चुंबा, बल्कि पूरे झारखंड में जश्न का माहौल है!10वीं कक्षा के छात्र हिमांशु ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता के आड़े नहीं आते। उनके पिता उमेश महतो एक कॉन्ट्रैक्टर हैं और माता गृहिणी हैं। हिमांशु ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने स्कूल 'ग्रेट यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल' के शिक्षक बबलू सर को दिया है, जिनसे उन्होंने कुश्ती की शुरुआती बारीकियां सीखीं। फिलहाल वे कुजू स्थित 'द चैंपियंस डोजो' में अपनी ट्रेनिंग ले रहे हैं। इससे पहले वे राज्य स्तर पर भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराने के बाद अब हिमांशु की निगाहें और भी ऊंचे लक्ष्यों पर टिकी हैं। वे जल्द ही जूनियर रेसलिंग एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे प्रतिष्ठित 'खेलो इंडिया' प्रतियोगिता में भी झारखंड का प्रतिनिधित्व करने की पूरी तैयारी में जुटे हैं।झारखंड के इस उभरते हुए सितारे की यह सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा है।
