चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में ही राज्य में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में आज सुबह से ही कुहासे की घनी चादर छाई हुई है। आंध्र प्रदेश के रास्ते छत्तीसगढ़ और ओडिशा पहुंचा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब हालांकि कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके असर से पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजधानी रांची के तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है।रांची में गुरुवार को अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वही मेदिनीनगर मेंअधिकतम तापमान 22.6 डिग्री और न्यूनतम 20.3 डिग्री रहा।इसके अलावा जमशेदपुर, बोकारो और चाईबासा में भी पारे में खासी गिरावट आई है। वहीं, सिमडेगा में 25 मिमी और जमशेदपुर में 21 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम के इस बदलाव का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ा है। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार के मुताबिक, जिन इलाकों जैसे लोहरदगा, चाईबासा, मांडर और सिमडेगा में धान की फसल पूरी तरह पक चुकी थी, वहां तेज बारिश से बालियां खेतों में झुक गई हैं जिससे नुकसान हुआ है। हालांकि, अन्य जिलों में जहां फसल पकनी शुरू ही हुई है, वहां यह बारिश फायदेमंद साबित हुई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी निकाल दें और मौसम साफ होने पर सरसों की बुआई शुरू कर सकते हैं।

अब बात आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की

  • पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है

  • 3 नवंबर तक राज्य के दक्षिणी इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है

  • 4 नवंबर से पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा, जिसके बाद रात की ठंड में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी