रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थितJAP-1 परेड मैदान में बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश और राज्य के उन वीर पुलिसकर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम में राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा भी शामिल हुईं। सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।
शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को किया गया याद

पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना था, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
इस दौरान पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
पुलिस की नौकरी चुनौतीपूर्ण,फिर भी पीछे नहीं हटते जवान: डीजीपी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि देशभर में पुलिस संस्मरण दिवस उन शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्य के दौरान बलिदान दिया। इस दिन शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया जाता है।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की नौकरी बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण होती है। इसके बावजूद लोग पुलिस सेवा में आते हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इस सेवा में कई बार अपना समय, सामर्थ्य और यहां तक कि अपने प्राणों का बलिदान भी देना पड़ता है, लेकिन पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।
उन्होंने कहा कि पुलिस संस्मरण दिवस उन वीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा याद
पुलिस संस्मरण दिवस के माध्यम से देश और राज्य के शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया गया। यह दिवस पुलिस बल के जवानों को उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियों की याद दिलाने के साथ-साथ शहीदों के बलिदान को हमेशा स्मरण रखने का संदेश भी देता है।
रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट

