पटना: राजधानी पटना में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार कमी आने के साथ ही पटना नगर निगम द्वारा गंगा घाटों की विशेष सफाई का कार्य तेज कर दिया गया है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा सभी गंगा वार्डों में घाटों पर गहन सफाई करवाने के निर्देश दिये हैं. नगर निगम की टीमें जलस्तर की लगातार निगरानी करते हुए चरणबद्ध तरीके से घाटों की डीप क्लीनिंग कर रही हैं.
वर्तमान में जेपी सेतु, पाटीपुल, मीनार घाट, कलेक्ट्रेट घाट, मंगल तालाब के आसपास के क्षेत्र, भद्र घाट, नौजर घाट, दमराही सहित विभिन्न घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है. सफाई कर्मियों द्वारा घाटों पर जमा कचरे को हाथ से बीनकर हटाया जा रहा है तथा घाट परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों को व्यवस्थित एवं स्वच्छ किया जा रहा है.
वहीं, दीघा घाट स्थित श्मशान घाट, पत्थर घाट सहित अन्य क्षेत्रों में जलस्तर कम होने के बाद सतह पर जमा गाद एवं मिट्टी को हटाने का कार्य किया जा रहा है. सफाई कर्मियों द्वारा कुदाल एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की सहायता से गाद की सफाई की जा रही है, ताकि घाटों पर आवागमन सुगम हो और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे.
प्रतिदिन दो पालियों में हो रही सफाई
पटना नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन दो पालियों में सफाई कार्य कराया जा रहा है. अभियान के तहत प्रत्येक घाट पर औसतन2से3सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है. आवश्यकता एवं कार्य की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों एवं कर्मियों को भी लगाया जा रहा है.
मंगलवार को चलाए गए विशेष सफाई अभियान के दौरान विभिन्न घाटों से लगभग3टन कचरे एवं गाद को हटाया गया. सफाई के बाद एकत्रित कचरे एवं गाद का नियमानुसार उठाव एवं निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है.
मच्छर नियंत्रण के लिए फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा का छिड़काव
सफाई अभियान के साथ-साथ घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में फॉगिंग तथा एंटी-लार्वा का छिड़काव भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है. जलस्तर कम होने के बाद कई स्थानों पर पानी जमा रहने की संभावना को देखते हुए मच्छरजनित परिस्थितियों की रोकथाम के लिए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है.
नगर निगम की टीमों द्वारा घाटों के साथ-साथ आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि कहीं भी जलजमाव, कचरा या गाद जमा न रहे.
पत्थर घाट पर जलजमाव के निदान हेतु कार्रवाई
पत्थर घाट के पास अवस्थित क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के कारण पानी सड़क पर भर जाता है. इससे सड़क के दक्षिणी हिस्से में निचले क्षेत्र में जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है. समस्या के निदान के लिए बुडको से समन्वय स्थापित कर पंप अधिष्ठापित किये जा रहे हैं ताकि जलनिकासी एवं साफ सफाई के बाद सामान्य स्थिति बहाल की जाए.
आगामी दिनों में विभिन्न त्योहारों के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए नगर निगम द्वारा सफाई कार्य को और गति दी गई है. उद्देश्य है कि त्योहारों के दौरान घाटों पर आने वाले नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--
