DESK : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पाकिस्तान में होने वाले चुनाव से पहले उन्हें दो अलग-अलग मामलों में 10 साल और 14 साल की सजा सुनाई गई है। वहीं अब तो उन पर मौत की सजा की तलवार भी लटकती नजर आने लगी है। जानकारी मिल रही है कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को फांसी की सजा भी हो सकती है।


दरअसल, पिछले साल 9 मई को सैन्य ठिकानों पर इमरान के समर्थकों द्वारा किए गए हमलों में प्रत्यक्षदर्शियों ने इमरान खान को इस घटना का मास्टरमाइंड करार दिया है। इससे 71 साल के इमरान खान की फजीहत और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से किसी भी चश्मदीद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी रियायत की पेशकश का दावा नहीं किया गया है।


वहीं देश के खिलाफ षडयंत्र रचने और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के मास्टरमाइंड के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इसका असर चुनावों पर पड़ सकता है। पिछले साल 9 मई को पीटीआई कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में ISI बिल्डिंग समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों पर तोड़फोड़ की थी। रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय पर भी हमले हुए थे।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सैन्य अदालतों को फैसला सुनाने पर पाबंदी लगा रखी है। अगर इमरान खान पर इस मामले में सैन्य अदालत कार्रवाई करती है तो इस बात की आशंका ज्यादा है कि उन्हें फांसी की सजा सुनाई जाए क्योंकि पाकिस्तान में ऐसा इतिहास रहा है कि जो भी शख्स पाकिस्तानी सेना को चुनौती देता है, वह ज्यादा दिन नहीं बच पाता है। पाकिस्तान आर्मी एक्ट की धारा 59 में दोषी पाए गए शख्स को सजा-ए-मौत सुनाई जा सकती है।