3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के दायरे में, अब तक 1,700 फर्जी पाए गए; स्कूलों में CCTV, सुरक्षा गार्ड और साफ-सफाई को लेकर भी सख्त निर्देश
पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छठ पर्व से पहले राज्य के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों का लंबित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वेतन भुगतान में किसी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन, विद्यालयों की व्यवस्था, वित्तीय अनियमितताओं और वेतन विसंगतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की।

3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की हो रही जांच
बैठक में शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में करीब 3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के दायरे में हैं। इनमें से 2.40 लाख शिक्षकों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब तक की जांच में 1,700 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त पाए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने शेष प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करने और फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

छठ से पहले लंबित वेतन भुगतान का आदेश
शिक्षा मंत्री ने लिपिक, परिचारी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज, शारीरिक शिक्षक, संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान छठ पर्व से पहले सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

वित्तीय अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों से सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं पर शिक्षा मंत्री ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अनियमितता में शामिल दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में 65 वर्ष की आयु पार कर चुके अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को दोबारा सेवा में रखने की अधिकतम आयु सीमा 61 वर्ष से बढ़ाकर 64 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

शिक्षकों की उपस्थिति के लिए बनेगी फूलप्रूफ व्यवस्था
शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकज की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, करीब पांच प्रतिशत शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने और उपस्थिति की फूलप्रूफ व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।

स्कूलों मेंCCTV और सुरक्षा गार्ड की होगी व्यवस्था
विद्यालयों में साफ-सफाई की खराब स्थिति पर असंतोष जताते हुए शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को इसके लिए अलग-अलग SOP तैयार करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों अथवा उच्चस्तरीय निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा गार्ड तैनात करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों समेत सभी विद्यालयों को CCTV कैमरों से लैस करने का निर्देश दिया गया।

प्रधान शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने पर जोर
बैठक में सभी सात श्रेणियों के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रधान शिक्षकों को पे-प्रोटेक्शन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर शिक्षा मंत्री ने आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया, ताकि प्रधान शिक्षकों को नियमानुसार पे-प्रोटेक्शन का लाभ मिल सके।

प्रधानाचार्य कक्ष में लिखना होगा'विद्या ददाति विनयम्'
विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गरिमामय व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री ने प्रधानाचार्य कक्ष में 'विद्या ददाति विनयम्' लिखना अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के अलावा महात्मा गांधी, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा स्वामी विवेकानंद की तस्वीरें लगाने को कहा। इसके साथ ही विद्यालय निर्माण के लिए जमीन दान करने वाले लोगों के पूर्वजों के नाम भी सम्मानपूर्वक अंकित करने का निर्देश दिया गया।

248 करोड़ रुपये से बनेगा प्रस्तावित विद्या भवन
समीक्षा बैठक में प्रस्तावित 'विद्या भवन' का प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इसके निर्माण पर करीब 248 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शिक्षा मंत्री ने संबंधित प्रस्ताव पर आवश्यक पहल करने और विभागीय कार्यों को पारदर्शिता एवं तेजी के साथ पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में लिए गए इन फैसलों के जरिए शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान, शिक्षकों की जवाबदेही, विद्यालयों की सुरक्षा और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट