पटना: बिहार में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, समावेशी और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)-2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस अभियान में दिव्यांग मतदाताओं और अब तक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित योग्य नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया चलेगी।
दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
इस संबंध में पटना में स्टेट स्टीयरिंग कमिटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन (SSCAE) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह ने की। बैठक में दिव्यांगजनों की चुनावी प्रक्रिया में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
जानिए मतदाता सूची पुनरीक्षण का पूरा शेड्यूल
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निष्पादन 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। वहीं, 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले योग्य युवाओं को मतदाता बनने का अवसर मिलेगा।
नाम जोड़ने और सुधार के लिए अलग-अलग फॉर्म,ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कर सकेंगे आवेदन
निर्वाचन विभाग ने नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और मतदाता सूची में विवरण सुधारने के लिए फॉर्म-8 की व्यवस्था की है। दिव्यांग मतदाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 और सक्षम ऐप के जरिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

