छपरा (सारण) : बिहार में आगामी पंचायत आम निर्वाचन 2026 की तैयारियां तेज हो गई है. इसी कड़ी में सारण जिले के छपरा में पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया को गति दी गई है. इस बार पंचायतों की नई सीमाएं निर्धारित करने के लिए राजस्व ग्राम के सरकारी नक्शे और अभिलेखों को आधार बनाया जाएगा. इसके साथ ही जमीन पर जाकर भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा, ताकि सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में किसी तरह का अंतर न रहे.
जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को परिसीमन का काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) भी शामिल हुए.
राजस्व नक्शे से बनेगा पंचायतों का नया प्रारूप
परिसीमन की शुरुआत राजस्व ग्राम के अभिलेखों में उपलब्ध नक्शों के आधार पर होगी. इनके माध्यम से पंचायतों की संभावित नई सीमाओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा. इसके बाद राजस्व विभाग के अमीन संबंधित क्षेत्रों में जाकर नक्शे का भौतिक सत्यापन करेंगे.
यदि किसी गांव, टोले या इलाके की वास्तविक स्थिति सरकारी नक्शे से अलग मिलती है तो उसमें आवश्यक सुधार किया जाएगा. त्रुटियां मिलने पर संशोधित मैप तैयार किया जाएगा.
बीडीओ की होगी अहम जिम्मेदारी
डीएम ने निर्देश दिया है कि बीडीओ स्वयं परिसीमन से संबंधित नक्शों और दस्तावेजों की जांच करेंगे. नई चौहद्दी के प्रारूप के साथ जरूरी अभिलेख और संशोधित नक्शे निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे.
आपके गांव की पंचायत भी बदल सकती है
पंचायत परिसीमन से यह तय होगा कि कौन-सा गांव और टोला किस पंचायत के अंतर्गत आएगा. इसका सीधा असर आगामी पंचायत चुनाव की व्यवस्था पर पड़ेगा. प्रशासन का उद्देश्य सीमाओं से जुड़े विवाद और भविष्य की चुनावी परेशानियों को पहले ही दूर करना है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
