DESK : राज्यसभा में शनिवार को भारत रत्न को लेकर हुई चर्चा के दौरान एक अलग ही संग्राम देखने को मिला। आरएलडी चीफ और राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी ने जब सदन में अपने दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को लेकर बोल रहे थे, तभी खरगे ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए इस पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी को किस नियम के तहत बोलने का अधिकार दिया गया है।
गौरतलब है कि राज्यसभा में जयंत चौधरी जैसे ही चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने को लेकर बोलना शुरू किया, वैसे ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सवाल उठाया कि किस नियम के तहत इनको बोलने दिया गया है। खरगे ने कहा कि हालांकि हम सैल्यूट करते हैं जिन्हें भारत रत्न दिया गया है। इस दौरान ही कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने तो यहां तक कह दिया कि अब अगर जयंत चौधरी एनडीए में जाते हैं तो उससे तो यही साबित होगा कि भारत रत्न की सौदेबाजी हुई है और उनको अब तो बिल्कुल भी एनडीए का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।
आरएलडी चीफ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला एक बड़ा निर्णय है। कल इस घोषणा के बाद लोगों ने दिवाली मनाई है. कल किसानों ने कनॉट प्लेस में मिठाइयां बांटी। इससे यही पता चलता है कि यह फैसला सिर्फ उनके परिवार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि किसानों को मजबूत करने वाला फैसला है। उन्होंने कहा कि इस सरकार की कार्यशैली चरण सिंह की कार्यशैली को दर्शाती है। कोई मजबूत सरकार ही चरण सिंह को भारत रत्न दे सकती थी।
भारत रत्न पुरस्कार नहीं, सबसे बड़ा सम्मान है
जयंत चौधरी ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि PM मोदी और भारत सरकार ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिया है। इससे दो बड़ी चीजें हुई हैं। एक तो यह कि हम चौधरी चरण सिंह की विरासत को फिर से स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह है सबसे बड़ा सम्मान। एक जमीनी सरकार, जो जमीन की आवाज को समझती है और उसे ऊपर उठाना चाहती है, ऐसी सरकार ही धरती पुत्र चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दे सकती है।
वहीं उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, ' जिस तरीके का स्टेटमेंट नेता विपक्ष ने सदन में दिया उससे मैं बहुत हर्ट हूँ। बहुत बड़ा असम्मान है। यह बहुत बड़ी पीड़ा है। आपने चौधरी चरण सिंह का अपमान किया, आपने उनकी विरासत का अपमान किया। भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के लिए आपके पास समय नहीं था। आज के दिन आप देश के हर किसान को आहत कर रहे हैं।'
खड़गे के बयान पर जयंत चौधरी ने भी आपत्ति जताई और कहा, 'मैं सांसदों के विरोध से बहुत दुखी हूं। जितने महान नेता आए हैं सबने किसी न किसी से कुछ सीखा है। चौधरी चरण सिंह ने गांधी, शास्त्री सबसे सीखा। चौधरी चरण की पहचान किसान के रूप में है। 10 साल से मैं विपक्ष में हूं। मैने ये महसूस किया कि ये सरकार चरण सिंह के आदर्शों को समझती है।'
जयंत ने आगे कहा, 'चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। कल इस घोषणा के बाद लोगों ने दिवाली मनाई। कल किसानों ने सीपी में मिठाइयां बांटी। इससे यही पता चलता है कि यह फैसला सिर्फ उनके परिवार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि किसानों को मजबूत करने वाला फैसला है।
