मोकामा में गंगा नदी पर बने नए डबल लाइन रेल पुल से सोमवार रात पहली ट्रेन गुजरी। रात करीब 1:40 बजे महानंदा एक्सप्रेस ने नए पुल पर परिचालन शुरू किया और लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा पार की। नए पुल पर ट्रेनों के लिए अधिकतम 140 किलोमीटर प्रति घंटे की गति की क्षमता है।राजेंद्र सेतु के समानांतर बने इस नए पुल के शुरू होने से मोकामा में गंगा पार रेल परिचालन की क्षमता बढ़ गई है। अब इस रेलखंड पर कुल तीन रेल लाइनें उपलब्ध हो गई हैं। पुराना राजेंद्र सेतु भी रेल परिचालन के लिए इस्तेमाल होता रहेगा। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन के लिए रेलवे को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
करीब 2400 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 15.5 किलोमीटर है। इसमें गंगा पर करीब 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य रेल पुल शामिल है। पुल में नदी के ऊपर 17 स्टील स्पैन बनाए गए हैं। परियोजना में 3.6 किलोमीटर लंबा रेल वायडक्ट, आठ लघु पुल, दो सड़क उपरि पुल और तीन रेल ओवर रेल भी शामिल हैं।रेल संरक्षा आयुक्त के दो दिवसीय निरीक्षण के बाद पुल को परिचालन के लिए हरी झंडी मिली। नई रेल लाइन से उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ उत्तर-पूर्वी राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों और मालगाड़ियों को भी लाभ मिलेगा।
रेलवे के अनुसार, नई क्षमता से क्रासिंग और परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने में मदद मिलेगी। पुल के औपचारिक उद्घाटन की तैयारी भी शुरू हो गई है।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
