बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों के सातवें वेतनमान को लेकर बड़ा बयान दिया है। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग अगले दो दिनों में सातवें वेतनमान को लेकर कमेटी का गठन करेगा। यह कमेटी सातवें वेतनमान को लागू करने पर सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का आकलन करेगी।मंत्री ने कहा कि बजट और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बैठक की जाएगी। सरकार यह पता करेगी कि सातवें वेतनमान को लागू करने में कितनी राशि की जरूरत होगी। आर्थिक बोझ का आकलन शुरू करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। उन्होंने पटना में अनशन कर रहे शिक्षकों से अनशन समाप्त करने की अपील भी की।शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया है। अगले दो दिनों में आयोग से सहमति मिलने की उम्मीद है।

मंत्री के मुताबिक, ऐच्छिक तबादले के मामले में शिक्षकों के लिए नए स्कूल में ज्वाइन करना अनिवार्य नहीं होगा। जिन शिक्षकों को नए स्कूल में जाने में परेशानी हो रही है, वे पुराने स्कूल में ही रह सकते हैं।उन्होंने बताया कि सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान शिक्षक, एचटी और एचएम एक साथ आवेदन कर सकेंगे। सामान्य ट्रांसफर के दौरान शिक्षकों को दोबारा म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए आवेदन करने का मौका भी मिलेगा।शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिया कि वेतन विसंगति और प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं को भी जल्द दूर किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत में शिक्षकों की अन्य मांगों और समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों से जुड़े मुद्दों के समाधान को लेकर गंभीर है।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट