पटना : बिहार में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, खनिज ब्लॉकों के विकास तथा ई-नीलामी प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग अवनीश कुमार, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), बिहार इकाई, पटना के उप महानिदेशक तथा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे.

बैठक में राज्य में खनिज अन्वेषण गतिविधियों को तेज करने, प्रमुख खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी पूर्ण कराने तथा नीलामित ब्लॉकों में शीघ्र उत्पादन प्रारंभ कराने पर विस्तृत चर्चा हुई. इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, “बिहार सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, पारदर्शी और समयबद्ध दोहन के लिए प्रतिबद्ध है. खनिज अन्वेषण से लेकर ई-नीलामी और उत्पादन प्रारंभ करने तक की प्रक्रिया को गति दी जाएगी, ताकि राज्य में निवेश, रोजगार एवं राजस्व के नए अवसर सृजित हों.”

नीलामित ब्लॉकों की समीक्षा

बैठक में ग्लूकोनाइट, लाइमस्टोन आदि प्रमुख खनिजों से संबंधित खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई. रोहतास जिले में नीलामित पिपराडीह-भुरवा ग्लूकोनाइट ब्लॉक, चुटिया-नौहट्टा ग्लूकोनाइट ब्लॉक तथा भोरा-कथरा लाइमस्टोन ब्लॉक की स्थिति पर चर्चा हुई. इसके अलावा गया जिले में नीलामित गें जाना निकेल-क्रोमियम एवं पी0जी0ई0 ब्लॉक में उत्पादन/प्रेषण की प्रगति की भी समीक्षा की गई.

मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएँ शीघ्र पूर्ण करते हुए इन ब्लॉकों में उत्पादन/प्रेषण यथाशीघ्र प्रारंभ किया जाए. उन्होंने कहा, “नीलामी केवल प्रक्रिया नहीं है; इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब ब्लॉकों में समय पर उत्पादन शुरू होगा. विभाग को इस दिशा में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं करनी होगी.”

पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी

बैठक में बिहार में पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी की प्रगति तथा इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, “पारदर्शी ई-नीलामी और वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से ही बिहार की खनिज संपदा का संतुलित एवं टिकाऊ विकास संभव है. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सहयोग से अन्वेषण कार्यों को और प्रभावी बनाया जाएगा.”

बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी, उत्पादन प्रारंभ करने की प्रक्रिया पूर्ण रूप से समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाए, ताकि खनन क्षेत्र से राज्य को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके. बिहार सरकार खनिज क्षेत्र को पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारपरक बनाने हेतु निरंतर कार्यरत है.

पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-