पटना : बिहार में सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. राज्य में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से चार बड़ी सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से पटना से पूर्णिया, काशी से कोलकाता और बिहार से उत्तर प्रदेश तक सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है.

इनमें सबसे प्रमुख पटना-पूर्णिया 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. करीब 31,987 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से राजधानी पटना और सीमांचल के बीच आवागमन आसान होगा. इससे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है.

दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना वाराणसी-रांची-कोलकाता 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे है. करीब 7,331 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस हाईवे से बिहार के रास्ते काशी और कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.

वहीं, पटना में सरिस्ताबाद-दीदारगंज और अनीसाबाद-दीदारगंज के बीच करीब 8,455 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन एलिवेटेड रोड और सर्विस रोड बनाने की योजना है. इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी.

चौथी परियोजना के तहत गंडक नदी पर करीब 1,977 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन का पुल बनाया जाएगा. यह पुल पश्चिम चंपारण के मनुआपुल को उत्तर प्रदेश के तिवारीपट्टी से जोड़ेगा.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे घोषित करने और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे की प्रक्रिया तेज करने की मांग भी उठाई है.

सरकारी जानकारी के अनुसार, करीब 49,751 करोड़ रुपये की चार प्रमुख परियोजनाओं को PPPAC से मंजूरी मिल चुकी है. अब केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है. इन योजनाओं से बिहार में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-