12करोड़ से अधिक की लागत से बन रही पानी टंकी का 90फीसदी काम पूरा होने का दावा,पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त;पेयजल विभाग ने केरेडारी थाने में दर्ज कराईFIR
रांची/हजारीबाग: झारखंड के बड़कागांव में एनटीपीसी की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने एनटीपीसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कंपनी ने विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना के डायनामाइट लगाकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की पानी की टंकी को ध्वस्त कर दिया। मंत्री के मुताबिक, इस घटना से राज्य सरकार को करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी बड़कागांव में मनमाने तरीके से काम कर रही है और नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिस पानी की टंकी को ध्वस्त किया गया, उसके निर्माण पर 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही थी। टंकी का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका था।
पानी की टंकी के साथ पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त
मंत्री के अनुसार, एनटीपीसी की ओर से केवल पानी की टंकी को ही नुकसान नहीं पहुंचाया गया, बल्कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी कई पाइपलाइनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे विभाग को कुल मिलाकर करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
केरेडारी थाने में FIR,विभागीय समीक्षा के निर्देश
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से केरेडारी थाने में एनटीपीसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को पूरे मामले की समीक्षा करने और नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए हैं।
बिना सूचना निर्माण कार्य करने पर उठाए सवाल
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि एनटीपीसी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को किसी तरह की पूर्व सूचना दिए बिना यह कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक, किसी भी परियोजना के दौरान यदि दूसरे विभाग की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई संबंधित एजेंसी को करनी होती है।
गौरतलब है कि बड़कागांव में एनटीपीसी के कार्यों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक भी कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर चुके हैं। अब राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री के आरोपों के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल इस पूरे मामले में एनटीपीसी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
हजारीबाग से पप्पू ठाकुर की रिपोर्ट

