रांची- झारखंड विधानसभा का मानसूत्र सत्र 3 सितंबर से शुरु हो रहा है जो काफी हंगामेंदार होने की संभावना है। 9 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में दो दिनों का अवकाश भी है। कुल मिलाकर इस मानसून सत्र में कुल 5 कार्यदिवस होंगे। .
पक्ष विपक्ष की पूरी तैयारी
झारखंड के आगामी विधानसभा सत्र को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही अपनी कमर कस ली है। सत्र को लेकर पक्ष विपक्ष दोनों ही तैयार हैं। सत्र को लेकर जो कार्यक्रम तय किये गए हैं... उसमें झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का जो तीन सितंबर से नौ सितंबर तक चलेगा। उसमें जिसने कोरोना से बचाव के दोनों डोज ले लिया है उसे प्रवेश करने दिया जायेगा।
कब क्या होगा ?
3 सितंबर : शपथ या प्रतिज्ञान ग्रहण (यदि हो), राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणित प्रति सभा पटल पर रखा जाना और शोक प्रकाश।
4-5 सितंबर : अवकाश
6 सितंबर : प्रश्नकाल, मुख्यमंत्री प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2021-2022 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन।
7 सितंबर : प्रश्नकाल, प्रथम अनुपूरक पर सामान्य वाद-विवाद, मतदान, विनियोग विधेयक का उपस्थापन।
8 सितंबर : प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य राजकीय कार्य।
9 सितंबर : प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य राजकीय कार्य, गैर सरकारी सदस्यों के कार्य (गैर सरकारी संकल्प)।
पक्ष विपक्ष का एजेंडा
एक तरफ सरकार जहाँ इस सत्र में कैबिनेट से पारित हुए प्रस्तावों को विधानसभा से पास करवाना चाहेगी, वहीं विपक्ष के वार से भी बचना सरकार के लिए मुश्किल होगा। खासकर मेडिकल प्रोटेक्शन बिल को लेकर उसे विपक्ष के साथ साथ अपने सहयोगी दलों के विरोध का भी सामना करना पड़ सकता है। इस बिल पर डाक्टरों के संगठनों में कुछ अलग ही राय है। वहीं विपक्ष सरकार को नियोजन नीति के मामले में भी घेरेगी। जिसमें पारा शिक्षक, जेटेट पास शिक्षक, पंचायत सचिव , होमगार्ड और पारा मेडिकल स्टाफ की नियुक्तियाँ लंबित हैं।
इमर्जिंग झारखंड की गूंज भी सदन में
इसके अलावा दिल्ली में हुए इमर्जिंग झारखंड पर भी विपक्ष सरकार को घेरेगी क्योंकि जो एमओयू पहले हुए थे सरकार ने उन्हे आधारभूत संरचना नहीं दी है और कई उद्योग यहाँ से पलायन कर चुके हैं. कुल मिलाकर पाँच दिनों का ये छोटा सा मानसून सत्र हंगामेदार होने वाला है इसमें कोई संदेह नहीं है अब देखना है कि सरकार इन सवालों का जवाब कैसे देगी।

