हकीकत बयां करने पर पटना तक विस्फोट के बयान की हर तरफ हो रही है चर्चा

PATNA:-बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार से मुजफ्फरपुर पुलिस के साथ ही आर्थिक अपराध इकाई और आयकर विभाग की टीम पुछताछ कर रही है।इस पुछताछ में इंजीनियर अनिल कुमार का एक बयान सुर्खियों में है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

मिली जानकारी के अऩुसार जब जांच टीम ने इंजीनियर अनिल कुमार से करीब 70 लाख की नगदी और करोड़ों की संपत्ति के बारे में पुछताछ की तो इंजीनियर ने पैसे के बारे में तो ज्यादा जानकारी नहीं दी..पर यह बयान देकर जांच अधिकारियों को हरकाने की कोशिश की, कि अगर उसने गाड़ी से ले जा रहे 18 लाख रूपये के बारे में ज्यादा अपना मुंह खोला तो पटना तक में विस्फोट हो जायेगा।हलांकि जब अधिकारियों ने विस्फोट हो जाने देने की बात कहकर संबंधित लोगों का नाम बताने को कहा तो इंजीनियर अनिल ने अपनी मानसिक स्थिति सही नहीं होने की बात कहकर चुप्पी साध ली।सवाल उठता है कि पटना तक विस्फोट होने का मतलब राजधानी में बैठने वाले अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों तक राशी पहुंचाने की बात तो अनिल नहीं कर रहें हैं!!या पटना तक विस्फोट की बात कहकर वह अपनी गलती को छुपाने की कोशिश कर रहें हैं।

67 लाख नगदी के साथ ही कई संपत्ति के मिले हैं कागजात

दअरसल ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार की गाड़ी से मुजफ्परपुर पुलिस ने 18 लाख कैश जब्त किये थे।कैश जब्त होने के बाद उनके घर की तलाशी ली गयी जहां 49 लाख नगद और जमीन,मकान एवं अन्य संपत्ति के कागजात मिले हैं।इतनी बड़ी रकम और संपत्ति के कागजात मिलने के बाद कई एजेंसी इंजीनियर अऩिल से पुछताछ कर रही है।पुछताछ में इंजीनियर अनिल इधर-उधर की बात करके जांच टीम को लगातार बरगलाने की कोशिश कर रहें हैं।

वर्क कल्चर के कारण लेना पड़ता है घूस

आपको बतातें चलें कि इंजनियर अनिल ने शुरूआती पुछताछ में कहा था कि सरकारी विभाग में वर्क कल्चर इतना खराब हो गया है कि कई अधिकारियों को घूस की राशी लेनी और देनी पड़ती है।प्रखंड से लेकर पटना तक के बाबू पैसे का लेन-देन करते हैं और इस बीच अगर कोई अधिकारी ईमानदारी से काम करना चाहता है तो उसे तबादला समेत कई तरह की परेशानियों को झेलना पड़ता है।

घूस लेने का आरोप में लगातार पकड़े जा रहें हैं अधिकारी

इतनी बड़ी रकम के साथ गिरफ्तार इंजीनियर अनिल कुमार बिहार सरकार के कोई अकेले अधिकारी नहीं हैं।इससे पहले भी कई इंजीनियर के साथ ही आईएएस एवं आपीएस रैंक के अधिकारी भ्रष्ट आचरण के जरिये अधिक आमदनी के आरोप में पुलिस जांच की गिरफ्त में आ चुकें हैं।निगरानी विभाग की टीम पुलिस एवं विभिन्न विभाग के अधिकारियों को काम के बदले घूस मांगने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ रहें हैं।

अरूण चौरसिया,कशिश न्यूज