350 साल पुराना है रांची के बोडिया का मदन मोहन मंदिर
RANCHI:- झारखंड में कोरोना वायरस के संक्रमण का असर जन्माष्टमी त्येहार पर दिख रहा है।यहां के विभिन्न मंदिरों में सादगी के साथ यह त्योहार मनाया जा रहा है।गांव के ही अगल-बगल के लोगों के द्वारा कोविड-19 का पालन करते हुए पूजा की जा रही है।
इसी तरह की सादगी रांची शहर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर ओरमांझी रोड पर बोडीया गांव में स्थित राधा कृष्ण के मदन मोहन मंदिर में भी दिख रहा है।यह मंदिर स्थापत्य कला का शानदार नमूना है। मुगल काल में निर्मित 350 वर्ष पुराने इस मंदिर की खूबसूरती अब भी बरकरार है। इस मंदिर का निर्माण लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कराया था इसकी नीव 1665 में रखी गई थी जो 17 साल में मंदिर के निर्माण में समय लगा उस दौर में मंदिर बनाने में जो खर्चा आया था वह सिर्फ 14 हजार रुपए था निर्माण के बाद राधा कृष्ण की सोने की मूर्ति की स्थापना भी की गई थी जो 1950 में चोरी कर ली गई रांची मैं चुटिया के राम मंदिर जगन्नाथपुर के जगन्नाथ मंदिर से पहले इसका निर्माण कराया गया था
यहां अभी वर्तमान में अष्ट धातु की मूर्ति स्थापित की गई है इस मंदिर की विशेषता यह भी है कि यह मात्र 1140 वर्ग फीट के चबूतरे पर 12 खंभों पर टिका है छत पर शानदार नक्काशी भी देखने को मिलती है।
रांची से नैयर की रिपोर्ट

