पटना : ग्रामीण विकास और सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने वीबी-जी राम जी कार्यक्रम को लेकर कहा कि इससे राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी. इसकी मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से आर्थिक विकास की नई राह प्रशस्त होगी. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि अधिकारी चरणबद्ध तरीके से योजना बनाएं और समय-सीमा में इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. ताकि निर्धारित समय में योजना पूरा नहीं होने पर जुर्माने का भी प्रावधान है. इसमें शामिल नए प्रावधानों के तहत अब अकुशल कामगारों को 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा.
विभागीय मंत्री श्रवण कुमार पुराने सचिवालय परिसर स्थित अधिवेशन भवन में वीबी-जी राम जी योजना को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस कार्यक्रम में राज्य के सभी उप विकास आयुक्त, निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम और वीबी-जी राम जी के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद थे. इन सभी पदाधिकारियों को 1 जुलाई से नए कलेवर के साथ शुरू हुई इस रोजगार सृजन योजना के क्रियान्वयन से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई.
उन्होंने इस योजना के तहत विशेषतौर से ग्रामीण इलाकों में मौसम आधारित कार्यों,पार्कों के निर्माण,किसानों के लिए हाट एवं विपणन केंद्रों,कच्ची ग्रामीण सड़कों,पुल-पुलिया,युवाओं के लिए खेल मैदान,आंगनबाड़ी केंद्र एवं पशु,मुर्गी,बकरी एवं सूअर शेड का निर्माण कराने पर विशेष जोर दिया. मंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए पंचायत,प्रखंड,जिला और राष्ट्रीय स्तर पर हाट और बाजार का निर्धारण किया जाएगा. उन्होंने ग्रामीण निर्धन बच्चों के लिए लाइब्रेरी भवनों के निर्माण पर बल दिया. साथ ही बायोगैस संयोजनों में आ रही शिथिलता को दूर करने और निजी भागीदारी को बढ़ावा देकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.
भूमिहीनों को15से30दिन में जमीन मुहैया कराने का निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर मंत्री ने निर्देश दिया कि इसके तहत आवास की पात्रता रखने वाले भूमिहीन11हजार लाभार्थियों को15-30दिनों में जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय. ऐसे लाभार्थियों के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना के तहत एक लाख रुपये जमीन खरीदने का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा,ताकि गरीबों के आवास का सपना पूरा हो सके. उन्होंने कहा कि वर्ष2016से अब तक बिहार को केंद्र सरकार से करीब49लाख16हजार आवासों का लक्ष्य मिला है. इसमें करीब43लाख आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं,जबकि6लाख आवासों को पूर्ण करने का प्रयास जारी है.
आवास सर्वेक्षण की विसंगति की समीक्षा करने के लिए मंत्री ने कहा
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पीएम आवास के लिए कराए गए सर्वेक्षण में कुल1करोड़4लाख90हजार से अधिक नाम सामने आए हैं,जबकि वास्तविक पात्र लगभग62से63लाख हैं. उन्होंने अधिकारियों से इस विसंगति की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां1जनवरी1996से पहले बने जर्जर मकानों के पुनरोद्धार के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत की. इस योजना के तहत गरीबों के अपूर्ण आवास को बनवाने में सहायता राशि दी गई. साथ ही1अप्रैल2010से पूर्व के अपूर्ण मकानों को पूरा करने के लिए50हजार रुपये सहायता राशि देने की योजना बनाई गई. आज दूसरे कई राज्य बिहार के इस मॉडल को आगे बढ़कर अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष2026-27के लिए बिहार को11लाख18हजार937नए आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. इसके लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में विभाग ने तेजी से काम शुरू किया है. उन्होंने बताया कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत राज्य में करीब44लाख शौचालय बनाए गए हैं,इनमें10,428सामुदायिक शौचालय हैं.
इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, वीबी-जी रामजी के आयुक्त अंजनी कुमार, जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्या सिंह, जल-जीवन-हरियाली के निदेशक सुमित कुमार, विशेष सचिव भानु प्रकाश, संयुक्त सचिव राकेश गुप्ता, संयुक्त सचिव रवि कुमार, बीआरडीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, मंत्री के आप्त सचिव सुनील कुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थिति रहे.
