कोल्हान - पोड़ाहाट में सुरक्षाबलो द्वारा नक्सलियो के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाने के बाद फिर से सारंडा को अपना गढ़ बनाने में जुटे नक्सली

700 पहाड़ियों से घिरा एशिया का प्रसिद्ध घना जंगल, पहाड़ी क्षेत्र एक दशक तक था नक्सलियों का गढ़, और शरणस्थली, नक्सली सारंडा में फिर से पैर पसारने और सुरक्षा बल उखाड़ने में जुटे

सारंडा में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने, नक्सलियों की गिरफ्तारी, कैंपों के ध्वस्त होने, सुरक्षाबालों का कैंप स्थापित होने के बाद सारंडा छोड़ कर कोल्हान,पोड़ाहाट का जंगल पहाड़ी क्षेत्र बना था नक्सलियों का ठिकाना

चाईबासा : सारंडा में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान में आज दूसरे दिन भी बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और जान माल की क्षति पहुंचाने के लिए नक्सलियों द्वारा छोटानागरा- जराईकेला थाना के सीमावर्ती गम्हरियागढ़ा-रोगाबुरू के आस-पास जंगली / पहाड़ी क्षेत्र में लगाए गए 5 -5 किलो के 3 आईईडी बमों को सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को बरामद किया है और उसे सुरक्षित डिफ्यूज कर दिया है। सारंडा के बीहड़ जंगल पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सलियों के दर्जन भर हार्डकोर और इनामी नक्सलियों के भ्रमणशील होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलो, सीआरपीएफ ,कोबरा जगुआर और जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बता दे की गुरुवार को अहले सुबह सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट हो गया था जिसमें कोबरा का एसआई जितेंद्र दानी घायल हो गए थे और उन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए रांची भेजा गया था। सुरक्षाबलों ने सारंडा के जराईकेला और आसपास के जंगली पहाड़ी क्षेत्र में सर्च अभियान चलाकर नक्सलियों के कैंप बनाकर को ध्वस्त किया था और हथियार सहित भारी मात्रा में नक्सलियों के उपयोग की सामग्री बरामद किया था । शुक्रवार को सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा वालों ने 5-5 किलो के 3 आईईडी बमों को बरामद किया है।

700 पहाड़ियों से घिरा सारंडा जंगल नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था

बता दें कि 700 पहाड़ियों से घिरा एशिया प्रसिद्ध सारंडा का घना जंगल पहाड़ी क्षेत्र कभी नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था। एक दशक तक सारंडा में नक्सलियों का दहशत, खौफ चलता था और सारंडा नक्सलियों का गढ़ बन गया था। जिसके बाद सीआरपीएफ और सुरक्षा बलों द्वारा लगातार नक्सलों के खिलाफ अभियान चलाए जाने और जंगल पहाड़ी क्षेत्र, नक्सलियों के मांद में घुसकर नक्सलियो के खिलाफ अभियान चलाने, सीआरपीएफ के दर्जन भर कैंप स्थापित होने के बाद नक्सली सारंडा छोड़कर कोल्हान और पोडाहाट के जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में शरण लिए हुए थे और कोल्हान, पोड़ाहाट के जंगलों पहाड़ी क्षेत्र से ही नक्सलियों का कैंप संचालित हो रहा था, जहा से नक्सलियों की गतिविधि चल रही थी। जिसके बाद एसपी आशुतोष शेखर के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों, पहाड़ों को भी नक्सलियों से मुक्त कराने के लिए बीते डेढ़ साल से नक्सलियों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। अभियान के दौरान अब तक दर्जनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, कई नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। नक्सलियों के बीच आमने-सामने हो जाने से मुठभेड़ भी हो चुकी है । दर्जनों बार सुरक्षा बलो और नक्सलों के बीच मुठभेड़ हुई ,जिसमें नक्सलियों की जान माल की क्षति भी उठानी पड़ी, कई जवान भी आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ में शहीद हुए हैं ।

नक्सलियों ने जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में आईईडी बमों का जाल बिछाया है

नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलो को निशाना बनाने और जान माल का नुकसान पहुंचाने के लिए जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में आईईडी बमो का जाल बिछाया गया है। जिसकी चपेट में सुरक्षाबल और ग्रामीण आ रहे हैं और जान माल की क्षति उठानी पर रही है। सुरक्षा बलों द्वारा सर्च अभियान के दौरान अब तक सैकड़ो आईडी बमो को बरामद किया गया है। सैकड़ों सपाईकल हॉल जो सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए द्वारा लगाया गया था उसे बरामद किया है। नक्सलियों के संचालित दर्जनों कैंपो को ध्वस्त किया गया है, भारी मात्रा में हथियार गोली , दैनिक उपयोग की सामग्रियों को भी बरामद की है और नक्सलियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता भी मिली है । हालांकि अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है कई जवान शहीद हुए हैं और दर्जन भर जवान घायल हुए हैं यहां तक की आईईडी बमो की चपेट में आकर कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और कई ग्रामीण भी घायल भी हो चुके है। कोल्हान पोड़ाहाट में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाए जाने के बाद नक्सली और दर्जनों ईनामी हार्डकोर नक्सली अब पुनः सारंडा में प्रवेश कर गए हैं और सारंडा को फिर से अपना सुरक्षित ठिकाना बनाने में जुटे हुए हैं, सारंडा में अपना पैर जमाना चाहते हैं। सुरक्षाबल सारंडा में फिर से नक्सलियों को पनपने नहीं देना चाह रही है और नक्सली के खिलाफ लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

चाईबासा पुलिस द्वारा आज शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, चमन, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन अपने दस्ता सदस्यों के साथ सारंडा/कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधि के लिए भ्रमणशील है, जिसके आलोक में चाईबासा पुलिस, कोबरा 209 , 203 , 205 , झारखण्ड जगुआर एवं सीआरपीएफ 60 , 197 , 157 , 174 , 193 , 134 , 26 , 11 की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) नक्सली संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनल, अनमोल, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन अपने दस्ता सदस्यों के साथ सारंडा / कोल्हान क्षेत्र में भ्रमणशील होने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके आलोक में दिनांक 07.08. 2024 से एक संयुक्त अभियान छोटानागरा एवं जराईकेला थाना के सीमावर्ती जंगली क्षेत्र में प्रारंभ किया गया है। सर्च अभियान के दौरान आज शुक्रवार 9 अगस्त को छोटानागरा-जराईकेला थाना के सीमावर्ती गम्हरियागढ़ा-रोगाबुरू के आस-पास जंगली / पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को लक्षित करने के उद्देश्य से नक्सलियों द्वारा पूर्व में लगाये गये 5- 5 किलो के 3 आईईडी बमो को बरामद कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसी स्थान पर बम निरोधक दस्ता के सहायता से विनिष्ट किया गया है

चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट