पटना: बिहार की राजनीति में पूर्व सांसद साधु यादव के एक बयान से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती और तैनाती पर सवाल उठाते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है. एक यूट्यूबर से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस में महिलाओं की भर्ती का फैसला नीतीश कुमार का गलत निर्णय था.

साधु यादव ने कहा कि महिलाओं को पुलिस की जगह शिक्षक,क्लर्क और कार्यालयों में काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए. उनके मुताबिक,कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण जैसे कार्यों के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों की अधिक आवश्यकता होती है. उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सड़क पर वर्दी पहनकर ड्यूटी पर तैनात करना उचित नहीं है.

साधु यादव ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने कई अच्छे काम किए,लेकिन पुलिस में महिला सिपाहियों की भर्ती का फैसला गलत था. उनके इस बयान के बाद महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका और पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी को लेकर बहस तेज हो गई है.

बिहार पुलिस में महिलाओं की अहम भूमिका

बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति का उद्देश्य पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ महिला सुरक्षा को मजबूत करना भी है. महिला पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने,भीड़ प्रबंधन,महिला थानों,हेल्प डेस्क और संवेदनशील मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

बिहार में महिलाओं के लिए पुलिस भर्ती में35प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी. राज्य सरकार इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती रही है.

साधु यादव के बयान पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-