उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, योजनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन और जल स्रोतों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य
रांची:आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की योजनाओं की समीक्षा तेज कर दी है। इसी क्रम में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को योजनाओं का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन (JJM) की पूर्वी एवं पश्चिमी प्रमंडलवार प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के तहत संचालित योजनाओं की स्थिति और लंबित कार्यों की जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही सहायक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने और योजनाओं की वास्तविक प्रगति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने योजनाओं से संबंधित दस्तावेजों को अद्यतन रखने और SVS क्लस्टर की प्रगति पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया।
घरेलू शौचालय निर्माण में तेजी लाने पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) निर्माण की प्रखंडवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने चालू वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पात्र लाभुकों का शीघ्र चयन करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने लाभुकों के चयन की प्रक्रिया में ऑनलाइन माध्यम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
मॉडल विलेज के लंबित कार्यों को जल्द पूरा करें अधिकारी
बैठक में मॉडल विलेज के रूप में विकसित किए जा रहे गांवों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शेष गांवों में निर्धारित मानकों के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उनका स्थल पर भौतिक सत्यापन भी किया जाए। यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
जल गुणवत्ता जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नियमित होगी निगरानी
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा पेयजल की गुणवत्ता रहा। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से जल स्रोतों की नियमित जांच, पानी के नमूनों की रिपोर्टिंग और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि जल गुणवत्ता जांच से संबंधित सभी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से तैयार कर प्रस्तुत की जाएं। जल स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए और जिन स्रोतों में पानी दूषित पाया जाता है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए सुधारात्मक उपाय किए जाएं।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए जल गुणवत्ता की जांच और निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जल गुणवत्ता जांच की रिपोर्टों की नियमित समीक्षा की जाएगी और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित पेयजल पहुंच सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी बादल राज, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पूर्वी एवं पश्चिमी के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट

