पटना: बिहार के ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री तथा नेता,विधायक दल श्रवण कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिता के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.ऐसे विक्षिप्त मानसिकता के लोगों को बड़े अस्पताल मेंइलाज की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि देश के एक राष्ट्रीय पार्टी के उच्च पद पर बैठे व्यक्ति को इस प्रकार की अमर्यादित और असम्मानजन टिप्पणी करना किसी भी तरह से शोभनीय नहीं है एवं यह उनके दिमागी दिवालियापन का परिचायक है. सार्वजनिक जीवन में विचारों की भिन्नता और राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है,लेकिन विरोध के नाम पर किसी के परिवार और माता-पिता के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है.
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राजनीति में असहमति हो सकती है. वैचारिक मतभेद भी हो सकते हैं,लेकिन भाषा की मर्यादा और सामाजिक संस्कारों का पालन हर व्यक्ति का दायित्व है. राजनीतिक विमर्श मुद्दों,नीतियों और जनहित पर केंद्रित होना चाहिए,न कि व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों पर.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती स्वस्थ संवाद, परस्पर सम्मान और संयमित आचरण में निहित है. सार्वजनिक जीवन में सक्रिय सभी लोगों को अपनी भाषा और व्यवहार में शालीनता बनाए रखनी चाहिए, ताकि राजनीतिक वातावरण में गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके.
