पटना: कोलकाता के चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद पटना में भी दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दुर्गा पूजा के अवसर पर पंडालों में बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ का दबाव, बारिश और प्रवेश-निकास के रास्तों पर अव्यवस्था परेशानी का कारण बन सकती है। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
पंडाल में जाने से पहले रखें ध्यान
श्रद्धालुओं को पंडाल में प्रवेश करने से पहले भीड़ का आकलन करना चाहिए। यदि किसी स्थान पर अत्यधिक भीड़ हो, तो वहां जाने से बचें। पंडाल में प्रवेश करते समय निकास द्वार और आपातकालीन रास्तों की जानकारी जरूर रखें। भीड़ में धक्का-मुक्की न करें और किसी अफवाह पर विश्वास कर अचानक भागने की कोशिश न करें।
बारिश होने पर विशेष सावधानी बरतें। एक साथ छोटे गेट या शेड की ओर दौड़ने से बचें। बच्चों को अपने साथ रखें और उनके पास परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर जरूर हो। बुजुर्गों और दिव्यांगों को अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर ले जाने से बचना चाहिए।
भीड़ बढ़ने पर क्या करें?
यदि भीड़ का दबाव बढ़ने लगे या सांस लेने में परेशानी हो, तो घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ने का प्रयास करें। भीड़ के विपरीत दिशा में जबरन निकलने की कोशिश न करें। किसी व्यक्ति के गिरने या घायल होने पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सूचना दें। आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन की भी अहम जिम्मेदारी
पंडाल समितियों और प्रशासन को प्रवेश-निकास द्वारों पर भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त रोशनी, अग्निशमन व्यवस्था, पुलिस बल और सार्वजनिक उद्घोषणा की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आपातकालीन रास्ते हमेशा खुले रखना जरूरी है।
संदेश- मां दुर्गा के दर्शन के लिए जल्दबाजी न करें। सुरक्षा नियमों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

