हजारीबागःगिद्दी में नकाबपोश अपराधियों ने सीसीएलकर्मी मंगलेश पाल द्विवेदी उर्फ हैप्पी की उनके सीसीएल क्वार्टर में घुसकर हत्या कर दी। वारदात के वक्त मंगलेश अपनी पत्नी सोनाली के साथ कमरे में बैठकर मोबाइल देख रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने अचानक धावा बोलकर दंपती को अपने कब्जे में ले लिया। पत्नी के हाथ बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दिया। इसके बाद मंगलेश पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी दो मोबाइल फोन और जेवरात लेकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने और अपराधियों के सुराग तलाशने के लिए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया है। दोनों टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और वारदात से जुड़े संभावित सुराग तलाशने में जुटी हैं। हालांकि, हत्या के पीछे की वजह और अपराधियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पत्नी को बंधक बनाकर दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार, घटना के समय मंगलेश पाल अपनी पत्नी सोनाली के साथ क्वार्टर में मौजूद थे। इसी दौरान दो नकाबपोश अपराधी अचानक अंदर घुस आए। उन्होंने दंपती को अपने कब्जे में ले लिया। अपराधियों ने सोनाली के हाथ बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दिया, ताकि वह शोर मचाकर मदद नहीं मांग सकें। इसके बाद मंगलेश पाल पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
वारदात का तरीका और घटनास्थल की परिस्थितियां जांच के लिहाज से अहम हैं। पुलिस फोरेंसिक जांच के जरिए घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने में लगी है। वहीं, डॉग स्क्वॉड की मदद से भी अपराधियों से जुड़े सुराग तलाशे जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।
दो दिन पहले मायके से लौटी थी पत्नी
इस हत्याकांड में एक अहम पहलू यह भी है कि मंगलेश पाल की पत्नी सोनाली कुछ समय से बिहार के गया स्थित अपने मायके में थीं। वह घटना से महज दो दिन पहले ही गिद्दी लौटी थीं। इसके बाद क्वार्टर में हुई इस हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या अपराधियों को मंगलेश और उनके परिवार की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी? क्या उन्हें दंपती के घर में मौजूद होने का पता था? या फिर वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह थी? इन सवालों के जवाब फिलहाल नहीं मिल सके हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
लूटपाट या पुरानी रंजिश, जांच के घेरे में हत्या की वजह
मृतक की पत्नी के अनुसार, अपराधी दो मोबाइल फोन और जेवरात भी अपने साथ ले गए। इससे लूटपाट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सामान लेकर फरार होने के आधार पर हत्या के पीछे लूटपाट को ही एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण तो नहीं है।
फोरेंसिक टीम की जांच और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं, डॉग स्क्वॉड की मदद से भी अपराधियों के संबंध में सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार है।
आम्रपाली परियोजना में कार्यरत था मृतक
मंगलेश पाल सीसीएल की आम्रपाली परियोजना में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले वॉलीबॉल खेलने के दौरान उनका पैर फ्रैक्चर हो गया था। एक सीसीएलकर्मी की उसके अपने क्वार्टर में हत्या किए जाने से गिद्दी क्षेत्र में दहशत का माहौल है।बडकागाव इंस्पेक्टर शाहिद, रजा, गिद्दी थाना प्रभारी इक़बाल हुसैन, उरीमारी थाना प्रभारी रथु उराव हत्या की गंभीरता से जांच पड़ताल कर रहे हैं इन्होंने बताया कि बहुत जल्द ख़ुलासा कर लिया जाएगा ।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दो नकाबपोश अपराधियों ने मंगलेश पाल को निशाना क्यों बनाया? क्या यह लूटपाट की घटना थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी? फोरेंसिक जांच, डॉग स्क्वॉड की पड़ताल और पुलिस की तफ्तीश से ही हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।

