बाघमारा 26 सितंबर 1995 की वह काली रात, जब गजलीटांड़ कोलियरी खदान में कार्यरत 64 मजदूर कतरी नदी का पानी अचानक खदान में घुसने से जलसमाधि में समा गए थे। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे कोयलांचल को झकझोर कर रख दिया था।बाघमारा के बीसीसीएल एरिया-04 अंतर्गत गजलीटांड़ खदान हादसे की आज 31वीं बरसी मनाई गई। इस अवसर पर गजलीटांड़ मैदान स्थित शहीद स्तंभ पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

श्रद्धांजलि सभा में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा, पार्षद निरुपमा देवी, छोटू सिंह समेत कई मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने शहीद स्तंभ पर पुष्पमाला अर्पित कर शहीद श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी।वहीं शहीद श्रमिकों के परिजनों ने भी हर वर्ष की तरह इस वर्ष शहीद स्तंभ पर पूजा-अर्चना कर दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा के दौरान परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने शहीद श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली। परिजनों ने दुर्घटना के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और तत्कालीन प्रबंधन की ओर से किए गए वादों का जिक्र करते हुए सीएमडी के समक्ष अपनी लंबित मांगों और सुविधाओं को पूरा करने की मांग रखी।

बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि हादसे के इतने वर्षों बाद भी शहीद श्रमिकों के परिजनों को आश्वासन के बावजूद कई सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने परिजनों की मांगों को पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही।वहीं बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने भी शहीद श्रमिकों के परिजनों की ओर से रखी गई मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।