वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से 10 से 12 दिसंबर तक तीन दिवसीय नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस (NFC-2026) का आयोजन मोरहाबादी स्थित स्कीपा (SKIPA) सभागार में किया जाएगा। वन भवन मुख्यालय में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय सम्मेलन की रूपरेखा, आधिकारिक ब्रोशर और वेब पोर्टल का अनावरण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने सम्मेलन के उद्देश्यों, तकनीकी सत्रों और झारखंड के वानिकी परिदृश्य पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पावन भूमि का लगभग एक तिहाई भूभाग वनों से आच्छादित है। राष्ट्रीय वानिकी कांग्रेस 2026 की मेजबानी करना झारखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।यह राष्ट्रीय मंच वन संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को सशक्त बनाकर देश की प्राकृतिक संपदा के सतत प्रबंधन के लिए एक नई दिशा तय करेगा।
