अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर 108 एंबुलेंस कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था, जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेकिन, सरकार और कर्मियों के दावों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है।एक तरफ जहां 108 एंबुलेंस कर्मियों का यह कहना है कि प्रशासन ने उनकी सिर्फ एक ही मांग मानी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार का यह दावा है कि कुल दो मांगों पर सहमति बन चुकी है।लेकिन, इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि कर्मियों की एक प्रमुख मांग—जिसके तहत सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के अधीन 108 एंबुलेंस का संचालन किए जाने की बात थी—उसे कानून के खिलाफ बताते हुए सीधे तौर पर खारिज कर दिया गया है।
प्रशासनिक रुख साफ होने के बावजूद, हालांकि मांगों पर पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है, फिर भी एंबुलेंस कर्मियों ने फिलहाल अपनी एक दिवसीय हड़ताल को स्थगित कर दिया है।लेकिन राहत की यह सांस शायद ज़्यादा लंबी न हो। कर्मियों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक उनकी बाकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। यानी आने वाले दिनों में यह विवाद एक बार फिर तूल पकड़ सकता है।
