जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार की अलसुबह हुए भीषण सड़क हादसे में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री युविका सिंह समेत चार युवाओं की दर्दनाक मौत हो गयी. तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक भारी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार से चारों शवों को बाहर निकाला.इस हादसे के बाद मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. घटना ने आम लोगों के साथ-साथ जिला प्रशासन और सरकार का भी ध्यान इस ओर खींचा है.हादसे से मर्माहत झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने गहरा दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ को टैग करते हुए सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर स्थायी और कड़ा समाधान निकालने की मांग की.

उन्होंने कहा कि अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण आये दिन निर्दोष लोगों की जान जा रही है और कई हंसते-खेलते परिवार उजड़ रहे हैं.कुणाल षाडंगी ने मांग की कि जमशेदपुर के मरीन ड्राइव सहित पूरे झारखंड के सभी स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर नियमित निगरानी की जाये. निर्धारित पार्किंग जोन के अलावा सड़क किनारे कहीं भी वाहन अवैध रूप से खड़ा मिलने पर वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सख्त प्रक्रिया शुरू की जाये.उन्होंने संबंधित डीटीओ से हर महीने इस संबंध में रिपोर्ट लेने का भी सुझाव दिया. साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.