पटना- विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे के निर्देशानुसार संगठन को और अधिक सशक्त, अनुशासित, प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिया गया है। संगठन की वर्तमान कार्यप्रणाली एवं संरचना की समीक्षा के उपरांत विश्वामित्र सेना की सभी वर्तमान इकाइयों, समितियों एवं दायित्वों को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है।

यह निर्णय संगठन के व्यापक पुनर्गठन, विस्तार एवं आगामी कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संगठन को नई ऊर्जा, नई संरचना और स्पष्ट जिम्मेदारियों के साथ जमीनी स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आने वाले समय में नई संगठनात्मक संरचना का गठन किया जाएगा।

विश्वामित्र सेना से जुड़े सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विभिन्न इकाइयों के सदस्य तत्काल प्रभाव से पूर्व निर्धारित पदों एवं दायित्वों का संचालन स्थगित करेंगे। किसी भी पूर्व पद, समिति अथवा इकाई के नाम पर संगठनात्मक निर्णय लेने, नियुक्ति करने अथवा संगठन की ओर से आधिकारिक गतिविधि संचालित करने का अधिकार फिलहाल किसी को नहीं होगा।

पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठन की नई संरचना, पदाधिकारियों की नियुक्ति, जिम्मेदारियों एवं दायित्वों के संबंध में अलग से आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। संगठन के सभी कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे इस संक्रमणकालीन अवधि में संगठनात्मक अनुशासन, मर्यादा एवं एकजुटता बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, व्यक्तिगत निर्णय अथवा अनधिकृत गतिविधि से बचें। विश्वामित्र सेना का उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत, अनुशासित एवं जनहित के कार्यों के लिए प्रभावी बनाना है। आगामी पुनर्गठन इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संगठन के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों से अपेक्षा है कि वे राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पूर्ण सम्मान करते हुए संगठन की एकता और गरिमा को बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट

