जामताड़ा:झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बोरवा गांव में मां को खो चुके कुछ दिन के मासूम की परवरिश और पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है। बच्चे की स्थिति और परिवार की परेशानी देखकर मंत्री भावुक हो गए। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देते हुए भरोसा दिलाया कि मासूम के बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।

मासूम को देखकर भावुक हुए स्वास्थ्य मंत्री

डॉ. इरफान अंसारी के मुताबिक, बोरवा गांव में मां को खो चुके नवजात की स्थिति देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण करीब सात घंटे से उनका इंतजार कर रहे थे। मासूम और उसके परिवार की परेशानी ने उन्हें भावुक कर दिया। मंत्री ने कहा कि ऐसे कठिन समय में बच्चे को सहारे की जरूरत है, ताकि मां के साये से वंचित होने के बावजूद उसकी देखभाल और भविष्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

जामताड़ा: मां को खो चुके नवजात को गोद लेकर परवरिश की जिम्मेदारी उठाएंगे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी

परवरिश से लेकर पढ़ाई तक की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प

स्वास्थ्य मंत्री ने मासूम को गोद लेकर उसकी परवरिश, शिक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया। उन्होंने बच्चे के परिवार को आर्थिक सहायता भी दी और भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि बच्चे का नामकरण जल्द किया जाएगा। हालांकि, बच्चे की देखभाल और भविष्य से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।

‘पहले इंसान,फिर डॉक्टर और उसके बाद नेता’

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वे पहले इंसान हैं, फिर डॉक्टर और उसके बाद नेता। उन्होंने कहा कि किसी की पीड़ा देखकर वे चुप नहीं रह सकते। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना उनका प्रयास है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में ऐसे लोगों का सहारा बनना जरूरी है, जो अपनों को खोने के बाद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।

मासूम के भविष्य को लेकर जगी उम्मीद

स्वास्थ्य मंत्री की इस पहल से बच्चे और उसके परिवार को मुश्किल समय में सहारा मिलने की उम्मीद जगी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि मासूम की परवरिश, शिक्षा और देखभाल के लिए आगे क्या व्यवस्थाएं की जाती हैं।