पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में रैगिंग के आरोप में तीन एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. संस्थान के प्राचार्य कार्यालय ने एमबीबीएस2024बैच के तीन छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है. निलंबित छात्रों में आदित्य राज, अभिनव राज और राज चौरसिया शामिल हैं.

प्राचार्य कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, तीनों छात्रों का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. इस अवधि में वे कक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे. इसके साथ ही संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी. छात्रों को अपना आवंटित हॉस्टल कमरा खाली कर संबंधित वार्डन को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

तीन महीने बाद होगी समीक्षा

संस्थान के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि पूरी होने के बाद मामले को एंटी रैगिंग कमेटी (ARC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. कमेटी उपलब्ध तथ्यों और संबंधित अभिलेखों की समीक्षा करेगी. इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा.

पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और संस्थान के लागू नियमों के अनुरूप की जाएगी.

आदेश में घटना का विस्तृत ब्योरा नहीं

प्राचार्य कार्यालय के आदेश में कथित रैगिंग की घटना की तारीख, प्रकृति और आरोपों से जुड़े विस्तृत तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है. पीड़ित छात्र की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की गई है. ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किन विशिष्ट घटनाओं और तथ्यों के आधार पर तीनों छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

इस कार्रवाई से संस्थान में रैगिंग से जुड़े मामलों को लेकर अनुशासनात्मक प्रक्रिया का संकेत मिलता है. मामले में आगे की स्थिति एंटी रैगिंग कमेटी की समीक्षा और उसके निर्णय के बाद स्पष्ट होगी.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-