पटना: बिहार में अब ग्राम पंचायतों की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने के लिए सरप्राइज इंस्पेक्शन किया जाएगा. मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से इसके लिएSurprise Inspection & Compliance Monitoring Systemतैयार किया गया है.
इस व्यवस्था के तहत अधिकारियों को पहले से सूचना दिए बिना ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा. खास बात यह होगी कि अधिकारी अपने नियमित कार्यक्षेत्र के बाहर की ग्राम पंचायत में जाकर निरीक्षण करेंगे. इससे निरीक्षण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और वास्तविक स्थिति के अनुरूप बनाने की कोशिश की जाएगी.
निरीक्षण के दौरान अधिकारी को मौके पर मौजूद रहकर मोबाइल के माध्यम से निर्धारित प्रश्नावली भरनी होगी. जांच से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर दर्ज की जाएगी. इसके साथ ही निरीक्षण के समय,लोकेशन और मौके की तस्वीर भी मोबाइल के जरिए रिकॉर्ड की जाएगी.
व्यवस्था में यह भी तय किया गया है कि एक ही ग्राम पंचायत में एक समय पर दो अधिकारियों को निरीक्षण के लिए नहीं भेजा जाएगा. इससे निरीक्षण की जिम्मेदारी स्पष्ट रहेगी और एक ही पंचायत की दोहरी जांच से बचा जा सकेगा.
जिले के स्तर पर डीएम कार्यालय निरीक्षण की निगरानी करेगा. निरीक्षण के बाद प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित मामलों में कार्रवाई भी की जाएगी.
पूरी प्रक्रिया की निगरानी संकल्प ऑनलाइन डैशबोर्ड के जरिए की जाएगी. इस व्यवस्था के माध्यम से पंचायत स्तर पर सरकारी कार्यों और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी,निरीक्षण और अनुपालन की स्थिति को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाएगा.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
