पटना/गयाजी : बिहार के गयाजी जिले में विश्व का प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री द्वारा किया गया. इस बार मेले में देश-विदेश से आने वाले सभी पिंडदानियों के लिए बिहार सरकार द्वारा उत्तम व्यवस्था की गई है, जिसकी प्रशंसा यहां अपने पूर्वजों को पिंडदान करने आने वाला हर व्यक्ति कर रहा है और सम्राट सरकार को इसकी बधाई भी दे रहा है.

गयाजी में पितृपक्ष मेला की व्यवस्था देख क्या कह रहे पिंडदानी, जानिए पूरी कहानी

पितृपक्ष मेले में अपने पूर्वजों का पिंडदान करने पहुंचे दिल्ली के अजय कुमार ने कहा कि- मैं नई दिल्ली से गयाजी आया हूं. बिहार के युवा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मेले में आये पिंडदानियों के लिए बेहतरीन व्यवस्था की गयी है. गया जिला प्रशासन द्वारा पितृपक्ष मेले को सफल बनाने के लिए विधि-व्यवस्था पूरी तरह से तत्पर होकर काम कर रही है. मेले में जीविका दीदी व प्रबंधन सहयोगियों के द्वारा सभी पिंडदानियों के लिए खास व्यवस्था की गयी है. बाहर से आये लोगों के लिए हर तरह की व्यवस्था उपलब्ध होने से मैं बेहद खुश व प्रसन्न महसूस कर रहा है. हम सभी पिंडदानी बिहार सरकार के इस व्यवस्था से दिली तौर पर बेहद खुश हैं और साथ ही कई सुखद यादों को संजोकर पितृपक्ष मेला से विदा ले रहा हूं.

स्टेशन पर ठहरने से लेकर मेला में शुद्ध भोजन की व्यवस्था

मेले में आए जहानाबाद जिले के सुरेंद्र प्रजापत कहते हैं कि वे हर साल पिंडदान मेले में पिंडदान करने आते हैं. इस बार पिंडदान मेले में व्यवस्था बेहद खास दिख रही है. मुख्यमंत्री द्वारा पिंडदानियों के लिए हर मूलभूत सुविधा प्रदान की जा रही है. गया स्टेशन पर ठहरने से लेकर मेला में जीविका दीदियों के द्वारा सात्विक व शुद्ध भोजन की भी व्यवस्था की गयी है. जिस पर मात्र30रुपये में एक समय का भोजन मिल रहा है.

महज डेढ़ घंटे में पटना से गया मात्र10मिनट में मंदिर में दर्शन अद्भूत व्यवस्था

मेला में विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु का दर्शन कर लौट रहे पटना निवासी सुजीत कुमार ने कहा करीब15साल पहले वे पितृपक्ष मेला में अपने पूर्वजों का पिंडदान करने आये थे. उस वक्त मंदिर में व्यवस्था अस्त-व्यस्त रहती थी. वर्तमान स्थिति तो बिल्कुल कल्पना से परे है,मुख्यमंत्री द्वारा पिंडदान मेले में की गयी सुगम व्यवस्था से सब बेहद खुश व संतुष्ट नजर आ रहे हैं. पहले गया से पटना आने-जाने में घंटों जाम का सामना करना पड़ता था. डबल इंजन की सरकार में सड़क की आधारभूत संरचना से पटना-गयाजी की दूरी महज डेढ़ घंटे में पूरी हो जा रही है. मंदिर में दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं को घंटों लंबी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता था.

गयाजी में विष्णुपद कॉरिडोर,इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर,एयर सुविधा ने बदली तस्वीर

गयाजी में विष्णुपद कॉरिडोर,इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना व एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने से राज्य के लोगों को रोजगार के नये-नये अवसर प्राप्त हो रहे हैं जिससे गयावासियों के साथ पितृपक्ष मेला में आये श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं,युवाओं को रोजगार के अवसर और क्षेत्र के विकास की नयी गति मिल रही है.