लखीसराय में JDUके नीतीश जनसंवाद कार्यक्रम में उठा फरक्का जल संधि का मुद्दा,केंद्र सरकार से पुनर्विचार करने की मांग
लखीसराय: फरक्का जल संधि से बिहार को हो रहे नुकसान का मुद्दा अब सियासी तूल पकड़ने लगा है। इसी मुद्दे को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से लखीसराय टाउन हॉल में नीतीश जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान फरक्का जल संधि से बिहार के किसानों और आम लोगों को होने वाले नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

संजय झा नेRJD-कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने RJD और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि करीब 30 साल पहले इन्हीं दलों के कार्यकाल में फरक्का जल संधि हुई थी और आज बिहार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। संजय झा ने आरोप लगाया कि बाढ़ के दौरान फरक्का बराज बंद रहने से बिहार में तबाही की स्थिति पैदा होती है। इससे राज्य के किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

केंद्र सरकार से जल संधि पर पुनर्विचार की मांग
संजय झा ने केंद्र सरकार से बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में बिहार के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि राज्य को बाढ़ और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सके। नीतीश जनसंवाद कार्यक्रम के जरिए जेडीयू ने इस मुद्दे को आम लोगों और किसानों के बीच प्रमुखता से उठाने की कोशिश की।

निर्दलीय MLCके BJPमें शामिल होने पर क्या बोले संजय झा?
वहीं, एमएलसी चुनाव में जीत हासिल करने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय झा ने कहा कि पांच नवंबर को चुनाव में मिली हार की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद पार्टी आगे का निर्णय लेगी। कुल मिलाकर फरक्का जल संधि का मुद्दा बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। जेडीयू ने इसे बिहार के किसानों और आम जनता के हितों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार के सामने पुनर्विचार की मांग रखी है।

लखीसराय से आत्मानंद सिंह की रिपोर्ट