PATNA :बिहार में अब कैबिनेट विस्तार नहीं होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये संकेत दे दिया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देने पहुंचे नीतीश कुमार ने इशारों में बता दिया कि अब कैबिनेट विस्तार नहीं होगा। इस बारे में पूछे जाने पर सीएम नीतीश ने उल्टा सवाल किया कि अब कितना बड़ा मंत्रिमंडल होगा। मतलब साफ है कि कैबिनेट विस्तार नहीं होने जा रहा है।


नीतीश के बयान से कांग्रेस नाराज

वहीं, नीतीश कैबिनेट में भागीदारी बढ़ने की आस लगाए कांग्रेस को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस बयान से झटका लगा है। अब कांग्रेस की नाराजगी सामने आ गई है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह के तेवर तल्ख दिखे। उन्होंने कहा कि राजनीति में लगभग जैसा कुछ नहीं होता। अखिलेश सिंह ने ये अल्फाज जिस अंदाज में कहा, उसके कई सियासी मायने निकाले जा सकते हैं।


बिहार में अब नहीं होगा कैबिनेट विस्तार, CM नीतीश के बयान से कांग्रेस नाराज, प्रदेश अध्यक्ष ने दिखाए तल्ख तेवर

कांग्रेस की उम्मीदों को लगा झटका!

दरअसल, बिहार कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 36 मंत्री हो सकते हैं जबकि अभी मंत्रियों की संख्या 31 है। इनमें से RJD कोटे से सबसे ज्यादा 15 मंत्री हैं, वहीं 13 मंत्री JDU कोटे से हैं। कांग्रेस के 2 सदस्य कैबिनेट में शामिल हैं जबकि एक निर्दलीय सुमित सिंह भी मंत्री हैं। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के पास पांच विभाग हैं। वे स्वास्थ्य, पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास, ग्रामीण कार्य और पर्यटन विभाग संभाल रहे हैं। वहीं, 19 विधायकों की ताकत रखने वाली कांग्रेस के सिर्फ दो मंत्री हैं।

दो और मंत्री पद की मांग करती रही है कांग्रेस

विधायकों की संख्या के आधार पर ही कांग्रेस दो और मंत्री पद की मांग करती रही है। बताया जा रहा है कि 23 जून को जब राहुल गांधी पटना आए थे तो सीएम नीतीश से इस मसले पर चर्चा हुई थी। दोनों के बीच बातचीत का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसके बाद से कैबिनेट विस्तार की चर्चा गरम थी।

विदित है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। ऐसे में नीतीश कुमार के ताजा बयान के बाद माना जा सकता है कि मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होगा और कांग्रेस ने जो उम्मीदें पाल रखी हैं, वो पूरी नहीं होगी।