NEWS DESK :बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। आज भी सदन में जोरदार हंगामे के आसार हैं। इधर, बीजेपी के विधानसभा मार्च से पहले विधायक संजय सरावगी ने नीतीश सरकार की नीति और नीयत पर सवाल खड़े हैं।
बीजेपी MLA ने नीतीश सरकार को घेरा
बीजेपी विधायक संजय सरावगी ने नीतीश सरकार को घेरते हुए कहा है कि चाचा-भतीजा मिलकर बिहार को गर्त में डाल रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बोले थे कि पहली कैबिनेट में ही 10 लाख युवाओं को नौकरी देंगे, कहां गई उनकी नौकरी? शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के बदले उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
'आखिर कैसे मुख्यमंत्री हो गये मजबूर'
संजय सरावगी ने कहा कि जिस प्रदेश का उप मुखिया यानी डिप्टी सीएम चार्जशीटेड हो, वहां सुशासन की बात नहीं की जा सकती है और आज मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं क्योंकि वे कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। जो मुख्यमंत्री एक FIR पर इस्तीफा ले लिया करते थे, वो आज चार्जशीटेड डिप्टी सीएम को ये कहने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं कि आप इस्तीफा दे दीजिए। बिहार के मुख्यमंत्री आज कैसे मजबूर हो गये हैं।
लॉ एंड ऑर्डर को लेकर खड़े किए सवाल
इसके साथ ही संजय सरावगी ने बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसा कोई जिला नहीं है, जहां रोजाना हत्याएं नहीं हो रही हैं। बिहार के लोग बाहर जाकर मजदूरी करें और बिहार के बाहर के लोग यहां आकर सरकारी नौकरी करें। ये किसी भी हालत में बिहार के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने 1700 करोड़ रुपये के अगुवानी पुल का मुद्दा उठाया और कहा कि पूरा पुल बह गया लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहां गया नीतीश जी का सुशासन? पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक हर जगह बगैर घूस के कोई भी काम नहीं होता है। संजय सरावगी ने कहा कि इन्हीं सारे मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी आज सड़क से लेकर सदन तक सरकार की घेराबंदी कर रही है।
