बोधगया: विश्व धरोहर स्थल बोधगया में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई जब तिब्बत के सर्वोच्च बौद्ध गुरु परम पावन दलाई लामा को उनके जीवन का पहला ग्रैमी अवॉर्ड मिलने की खबर सामने आई. इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर बोधगया में मौजूद विभिन्न देशों के बौद्ध लामाओं और भिक्षुओं ने इसे बौद्ध धर्म के लिए गर्व का क्षण बताया है.

बोधगया में उत्सव का माहौल, दलाई लामा के पहले ग्रैमी अवॉर्ड पर बौद्ध समुदाय में हर्ष

दलाई लामा को यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके एल्बम‘Meditations: Reflections of His Holiness the Dalai Lama’के लिए मिला है. उन्हें बेस्ट ऑडियो बुक,नैरेशन एंड स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में यह अवॉर्ड प्रदान किया गया.

बोधगया में उत्सव का माहौल, दलाई लामा के पहले ग्रैमी अवॉर्ड पर बौद्ध समुदाय में हर्ष

68वें वार्षिक ग्रैमी अवॉर्ड समारोह में उनके नाम की घोषणा होते ही विश्वभर में उनके अनुयायियों में उत्साह देखने को मिला. बोधगया में बौद्ध लामाओं ने कहा कि वर्ष 2026 बौद्ध धर्म के इतिहास में गौरवशाली वर्ष के रूप में याद किया जाएगा.

बोधगया में उत्सव का माहौल, दलाई लामा के पहले ग्रैमी अवॉर्ड पर बौद्ध समुदाय में हर्ष

बौद्ध गुरुओं का मानना है कि दलाई लामा का यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं,बल्कि करुणा,शांति और ध्यान की शिक्षाओं की वैश्विक स्वीकृति है. ग्रैमी विजेताओं की सूची में के-पॉप कलाकारों और हॉलीवुड के दिग्गज स्टीवन स्पीलबर्ग के साथ दलाई लामा का नाम शामिल होना इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है.

बोधगया में इस खबर के बाद आध्यात्मिक वातावरण और अधिक उल्लासपूर्ण नजर आया,जहाँ इसे बुद्ध की शिक्षाओं की जीत के रूप में देखा जा रहा है.

बोधगया से मनोज सिंह की रिपोर्ट--