पटना : बिहार की सियासत में विधान परिषद के दो सदस्यों की सदस्यता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए बंशीधर बृजवासी और डॉ. राहुल राज के खिलाफ जन सुराज ने मोर्चा खोल दिया है. इसी सिलसिले में जन सुराज के नेताओं ने बिहार विधान परिषद के सभापति से मुलाकात कर दोनों सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है.
मुलाकात के दौरान जन सुराज के प्रतिनिधियों ने सभापति के सामने अपना पक्ष रखा और पूरे मामले में संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया. जन सुराज की ओर से सवाल उठाया गया कि जब दोनों नेता विधान परिषद का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़कर निर्वाचित हुए थे, तो इसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता कैसे ग्रहण कर ली?
जन सुराज के नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले को दलबदल से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के तहत देखा जाना चाहिए. पार्टी ने सभापति से आग्रह किया कि दोनों विधान परिषद सदस्यों के भाजपा में शामिल होने की परिस्थितियों और इसकी संवैधानिक वैधता की जांच की जाए.
इस मामले ने बिहार की राजनीतिक गतिविधियों के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. खास बात यह है कि बंशीधर बृजवासी और राहुल राज ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर विधान परिषद में जगह बनाई थी. बाद में भाजपा में शामिल होने के उनके फैसले पर अब सवाल उठ रहे हैं.
फिलहाल सभापति के समक्ष जन सुराज ने अपना पक्ष रख दिया है. अब सबकी निगाहें सभापति के फैसले और इस मामले में होने वाली आगे की संवैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं.
पटना से अंकित की रिपोर्ट-
