कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की विशेष योजना की घोषणा,शाखाओं की कटाई और पोषक तत्व प्रबंधन के लिए मिलेगी 4हजार से 16हजार रुपये तक की सहायता; 19जिलों में लागू होगी योजना
पटना: बिहार में पुराने एवं कम उत्पादकता वाले फलदार बागानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि विभाग विशेष पहल कर रहा है। इसके तहत पुराने आम और लीची के बागानों का वैज्ञानिक तरीके से जीर्णोद्धार किया जाएगा। कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास योजना के अंतर्गत किसानों को बागानों के कायाकल्प के लिए विभिन्न कार्यों पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने फलदार पेड़ों की उत्पादक क्षमता को दोबारा विकसित करना, फल उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आमदनी में वृद्धि करना है।
बागानों के जीर्णोद्धार पर मिलेगा 40प्रतिशत अनुदान
कृषि मंत्री ने बताया कि पुराने फलदार बागानों की उत्पादकता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन और उचित देखभाल जरूरी है। इसी उद्देश्य से सरकार किसानों को शाखाओं की वैज्ञानिक कटाई, छत्र प्रबंधन (Canopy Management) और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाया जा सकता है। पुराने बागानों का जीर्णोद्धार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जानिए किस काम के लिए कितना मिलेगा अनुदान
योजना के तहत किसानों को दो प्रमुख कार्यों के लिए 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शाखाओं की कटाई और छत्र प्रबंधन: प्रति इकाई 10 हजार रुपये की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत यानी 4 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। पोषक तत्व प्रबंधन: प्रति इकाई 40 हजार रुपये की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत यानी 16 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस सहायता से किसान पुराने पेड़ों की सूखी और अनुपयोगी शाखाओं की कटाई, पेड़ों के छत्र का बेहतर प्रबंधन तथा आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग कर सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27में 19जिलों में लागू होगी योजना
सिन्हा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह योजना राज्य के 19 लक्षित जिलों में लागू की जाएगी। इनमें बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, कटिहार, खगड़िया, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सुपौल एवं वैशाली शामिल हैं।
पुराने पेड़ों से बढ़ेगा उत्पादन,किसानों की आय को मिलेगी मजबूती
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसानों के पुराने फलदार बागान फिर से उत्पादक बनें और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले। वैज्ञानिक तरीके से शाखाओं की कटाई, छत्र प्रबंधन और संतुलित पोषक तत्वों के इस्तेमाल से पेड़ों की सेहत में सुधार होगा और फल उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पुराने बागानों का कायाकल्प होने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने और बिहार में बागवानी क्षेत्र को नई गति देने में मदद मिलेगी।
पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट

