NEWS DESK :बिहार के सियासी गलियारे से एक और बड़ी ख़बर सामने आ रही है कि शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने अब से कुछ देर पहले राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की है। शिक्षा मंत्री ने राजभवन जाकर ये मुलाकात की है।

शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल से की मुलाकात

राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से शिक्षा मंत्री की मुलाकात लगभग 20 मिनट तक हुई है। जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच जारी तकरार के बाद विभागीय मंत्री ने ये मुलाकात की है।

गौरतलब है कि शिक्षक दिवस के मौके पर पटना यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर जमकर भड़के थे।

शिक्षक दिवस बहाना...केके पाठक पर निशाना

पीयू के कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा था कि एकतरफ प्रशासन होगा...एकतरफ शासन होगा और एकतरफ राजभवन होगा, ऐसा नहीं। तीनों को साथ में बैठकर विचार करना होगा। हम तीनों को तीन दिशा में जाने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही राज्यपाल ने कहा कि जब यहां ऐसे प्रश्न आते हैं कि जब शिक्षा विभाग से एक सचिव पत्र लिखता है और चांसलर के अधिकारों को चुनौती देता है, क्या आवश्यकता होती है। कुलाधिपति से पूछते हैं कि आपकी Autonomy क्या है। क्यों भई, Autonomy से आपको क्या दिक्कत हो रही है। शिक्षा विभाग के एक सचिव ऐसे पत्र लिखते हैं, उनको ऐसा साहस कैसे हुआ। किसके कारण ऐसा साहस हुआ।

गवर्नर ने तंज कसते हुए कहा कि जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति को इतना सम्मान करते हैं, वे यूनिवर्सिटी के कुलपति हो, अध्यक्ष हो या प्रोफेसर, शिक्षक हो, उनका कितना सम्मान करते होंगे, ये समझा जा सकता है। क्या इसके लिए हमें अपने भीतर झांकने की आवश्यकता नहीं है।

"मेरे और मख्यमंत्री में नहीं है कोई टकराव"

इसके साथ ही राज्यपाल ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे थे कि यहां के कुलपति गिरिश कुमार जी, उन्हें एक्सटेंशन चाहिए । बिल्कुल उन्होंने काफी काम किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर हम इस पर सोच भी सकते हैं, कर भी सकते हैं लेकिन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति को अगर आप नीचे रखेंगे तो कुलाधिपति इसपर जरूर विचार नहीं कर सकते। शिक्षा विभाग को कुलाधिपति की जो भी हैसियत है, उसपर फिर से पुनर्विचार करने की जरूरत है। आप कुलाधिपति को वहां से टोकते रहेंगे और कुलाधिपति से अपेक्षा करते रहेंगे, ऐसा नहीं हो सकता। चिंता को कोई विषय नहीं है, ये समन्वय का विषय है।

इसके साथ ही राज्यपाल ने कहा कि अक्सर अख़बारों में आता है कि टकराव है लेकिन मेरे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच कोई तनाव नहीं है। हम दोनों इकट्ठा बैठकर विचार कर सकते हैं और इस विषय पर समाधान निकाल भी सकते हैं, ये मेरा विश्वास है।