रांची : पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को लेकर झारखंड में सियासी बवाल मचा है. चंपाई सोरेन ने तो ये साफ कर दिया, मुख्यमंत्री रहते उनके भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है. उन्होंने जेएमएम से खुली बगावत कर दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही वो JMM छोड़ देंगे. लेकिन ये बड़ा सवाल है, पार्टी को अलविदा कहने के बाद चंपाई सोरेन आगे क्या करेंगे. आगे उनका राजनीतिक कदम क्या होगा ? पूर्व मुख्यमंत्री ने इस सवाल का जवाब दे दिया. उन्होंने साफ कह दिया है कि वो राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे. वो नई पार्टी गठन करेंगे और झारखंड के लोगों की सेवा करेंगे.

'कोलकाता से लौटने के दौरान मन बदल गया'

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन दिल्ली में 4 दिन रहने के बाद बुधवार को अपने गांव जिलिंगोड़ा पहुंचे. वहां बड़ी संख्या में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि जब वो दिल्ली से कोलकाता के रास्ते लौट रहे थे तो वो सन्यास लेने पर विचार कर रहे थे. हालांकि रास्ते में कई जगह उनके समर्थक मिले. हजारों की संख्या में समर्थक उनसे मिलने आ रहे थे. ऐसे में समर्थकों के उत्साह को देखते हुए उन्होंने सन्यास लेने का विचार मन से निकाल दिया.

राजनीति में आगे क्या करेंगे चंपाई सोरेन?

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने साफ कर दिया है कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे. उन्होंने कहा कि वह अलग पार्टी बनाएंगे. अगर कोई साथी मिला, तो उसके साथ आगे बढ़ेंगे.समर्थकों को संबोधित करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि वो अलग पार्टी बनायेंगे. अगर कोई अच्छा दोस्त मिला तो साथ चल पड़ेंगे. उन्होंने बताया कि जो आदिवासी, दलित, गरीब-गुरबा और पिछड़ों की बात करेगा, हम वैसे साथी से दोस्ती कर सकते हैं. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने चंपाई सोरेन के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. लोगों ने कहा- दादा आप आगे बढ़ें, हम आपके साथ हैं. चंपाई सोरेन आगे बढ़ें, हम आपके साथ हैं. झारखंड टाईगर जिंदाबाद के नारे भी लोगों ने लगाए.

'राजनीति में फिर से मेरा नया अध्याय शुरू हुआ'

साथ ही चंपाई सोरेन ने बताया कि कई आंदोलनों में हमने हिस्सा लिया है. मजदूरों और सभी समुदाय के लोगों का साथ मिला है. मजदूर आंदोलन में शामिल होकर हजारों लोगों को नौकरी दिलवाई. उस समय हम कुछ भी नहीं थे. विधायक भी नहीं. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय हम लोगों की सेवा करते थे. आज फिर आपलोगों के बीच उसी रूप में हैं. आज फिर से मेरा नया अध्याय शुरू हो गया. साथ ही लोगों से उन्होंने कहा कि हमे विश्वास है, आपलोग कदम से कदम मिलाकर मेरा साथ देंगे. मेरा सोच है झारखंड को आदर्श बनाना, आदिवासी,मुलवासी और गरीब-गुरबा को सम्मान देने के लिये आगे बढ़ेंगे.

क्या बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश है ?

समर्थकों से बातचीत के बाद चंपाई सोरेन अलग-अलग जगहों पर जाकर समर्थकों से मिल रहे हैं. अलग संगठन खड़ा करने की घोषणा के बाद ऑफ द रिकॉर्ड चंपाई सोरेन ने कहा कि सीएम बनने के बाद जिस तरह से अपमानित किया जा रहा था, उसको बयां नहीं किया जा सकता है. चंपाई सोरेन का गुस्सा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर था. चंपाई की इस घोषणा से भाजपा में शामिल होने के कयासों पर अब विराम लग गया है. हालांकि उन्होंने अभी तक नहीं बताया है कि उनकी पार्टी का क्या नाम होगा. वो बीजेपी में नहीं जायेंगे. अलग पार्टी बनायेंगे. ऐसे में इसका नुकसान किस दल को होगा, ये बड़ा सवाल है ? राजनीतिक विश्लेषक चंपाई सोरेन के इस कदम को JMM को सीधे सीधे बड़ा नुकसान पहुंचाने का दाव मान रहे हैं.

23 अगस्त को बीजेपी की आक्रोश रैली है. सूत्रों से मिल रहे जानकारी के अनुसार इस रैली में चंपाई सोरेन शामिल हो सकते हैं. उनके अलावा लॉबिन हेंब्रम सहित कोल्हान के कुछ नाराज विधायकों के भी रैली में शामिल होने की संभावना है.