PATNA:- लोजपा (रामविलास) के सुप्रीमो चिराग पासवान ने अपने चाचा केन्द्रीय मंत्री सह रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को बड़ा झटका दिया है. स्व. रामविलास पासवान के लोजपा के टूटने के बाद चाचा पारस के साथ गयी वैशाली की सांसद वीणा देवी ने अपना पाला बदल लिया है और अब वह चाचा पारस को छोड़कर भतीजा चिराग के साथ आ गयी है.उसने आज सार्वजनिक रूप से चिराग पासवान के साथ मंच साझा की है.


बताते चलें कि लोजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर चाचा पारस और भतीजा चिराग द्वारा अलग-अलग समारोह का आयोजन किया गया है.चाचा पारस हाजीपुर में कार्यक्रम कर रहे हैं तो भतीजा चिराग पासवान पटना के बापू सभागार में.आज के समारोह में वीणा देवी चाचा पारस के कार्यक्रम में जाने के बजाय चिराग पासवान के समारोह में पहुंच मंच साझा की है.इसके बाद ये स्पष्ट हो गया कि वीणा देवी अब पारस के बजाय चिराग के गुट में आ गयी है,और चिराग के गुट की तरफ से ही आगामी लोकसभा चुनाव में दावेदारी पेश करेगी.


गौरतलब है 2019 के लोकसभा चुनाव में लोजपा के बैनर तले 6 सांसदों ने चुनाव जीता था.बाद में चाचा-भतीजा के बीच विवाद होने पर चाचा पशुपति कुमार पारस ने अलग गुट बना लिया था और पार्टी के पांच सांसद उनके गुट में आ गये थे.पशुपति कुमार पारस को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था.बाद वे मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री बने थे.उसके बाद लोजपा पर दावेदारी का मामला चुनाव आयोग के पास गया और चुनाव आयोग ने दोनो में से किसी भी गुट को लोजपा का स्वामित्व नहीं दिया और अलग-अलग गुट के रूप में मान्यता दी.अब लोकसभा चुनाव से पहले चाचा-भतीजा के बीच एक दूसरे को कमजोर करने का खुला खेल शुरू हो गया है.