Hindi News / STF जवान की गिरफ्तारी के बाद मां और परिवार का आया बयान, कहा—'यह...

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला : STF जवान की गिरफ्तारी के बाद मां और परिवार का आया बयान, कहा—'यह न्याय की पहली सीढ़ी'

Edited By:  |
bharat tiwari encounter mamla bharat tiwari encounter mamla

आरा (भोजपुर) : बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी एसटीएफ (STF) जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी और परिजनों की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

परिजनों ने बयान दिया कि आरोपी एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी हमारे संघर्ष और न्याय की मांग की पहली जीत है. जब तक इस पूरे फर्जी एनकाउंटर की साजिश में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती,हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

भरत तिवारी की मां आशा देवी आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार,तत्कालीन डीएसपी और थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ी हुई थी. परिजनों का कहना है कि जब तक सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और परिवार को पूर्ण सुरक्षा नहीं मिलती,वे शांत नहीं बैठेंगे.

परिवार के सदस्यों ने दोहराया कि भरत ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया था. इसके बावजूद उस पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं. इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषियों को सख्त सजा मिलना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी निर्दोष के साथ ऐसा न हो.

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में 17 जून को पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी. पुलिस ने दावा किया था कि भरत ने टीम पर गोलियां चलाई थीं,जिसके जवाब में कार्रवाई की गई.

हालांकि,घटना से ठीक पहले के फेसबुक लाइव (Facebook Live)वीडियो में भरत तिवारी पिस्टल दूर फेंककर सरेंडर करता दिख रहा था. इसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस पर'फर्जी एनकाउंटर'और हत्या का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया था.

भरत तिवारी मामले में शामिल आरोपी पुलिसकर्मी (एसटीएफ जवान) अक्षय को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले में विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच जारी है." मामले की शुरुआती जांच के बाद शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले की न्यायिक जांच के साथ-साथ हथियारों कीFSL (फॉरेंसिक) जांच कराई जा रही है.

आरा से विवेक कुमार सिंह का रिपोर्ट--