पटना: बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ ने पंचायती राज विभाग से छठे वित्त आयोग की 1830 करोड़ रुपये की राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। शनिवार को पटना में पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड अध्यक्षों की बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए। महासंघ ने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग के कुछ अधिकारियों के रवैये से पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है।

बैठक में महासंघ के सदस्यों ने कहा कि पंचायतों से जुड़ी राशि के उपयोग में पारदर्शिता जरूरी है। राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं होने और पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने पर संगठन आंदोलन करेगा। इसके तहत ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ कार्यक्रम आयोजित करने की चेतावनी दी गई है।

महासंघ अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय, पंच-सरपंच संघ अध्यक्ष अमोद कुमार निराला और प्रमुख संघ की कार्यकारी अध्यक्ष जयमाला कुमारी पासवान ने पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। इनमें खराब सोलर लाइट, पंचायत सरकार भवनों की स्थिति, कन्या विवाह योजना, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण और जिला परिषद से जुड़े वित्तीय मामले शामिल हैं।

महासंघ अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे, लेकिन पंचायतों के अधिकार और वित्तीय पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल को सफल बनाने के लिए पंचायतों को विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट