पटना:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा और वाल्मीकि नगर बराज से छोड़े गए पानी के बाद बिहार में बाढ़ का प्रकोप अत्यंत भयावह हो गया है.उत्तर बिहार के छह जिलों पश्चिम चंपारण,पूर्वी चंपारण,गोपालगंज,मुजफ्फरपुर,वैशाली और सारण जिले के लाखों की आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है.राज्य सरकार बाढ़ की त्रासदी रोकने में विफल साबित हुई है.हजारों घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं तो दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत बाढ़ की पानी में डूबने से हो गई है.25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की फसल की क्षति हुई है. दर्जनों तटबंध और सड़के टूट गई है. सरकार का बाढ़ राहत का कार्य भी फ्लॉप है. बाढ़ पूर्व सरकार की सभी तैयारियां फिसड्डी साबित हुई है.
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि बिहार एक साथ बाढ़ और सूखे की त्रासदी झेल रहा है. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा सहायता की कोई घोषणा नहीं की गई. केंद्र सरकार बाढ़ और सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सरकार से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने,सभी मृतक के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने,जिसका घर बाढ़ में गिर गया है उसे पक्का मकान देने और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये की दर से फसल का क्षति मुआवजा देने की मांग करती है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
