पटना : बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में जारी अंदरूनी विवाद के बीच पटना स्नातक सीट से उम्मीदवार नीरज कुमार ने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर पलटवार किया है. उन्होंने दावा किया कि अनंत सिंह से मतभेद होने के बावजूद उन्होंने अपने बूथ पर हर चुनाव में जेडीयू उम्मीदवारों को जीत दिलाने में भूमिका निभाई.
शनिवार को मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं और उनके खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं करते. उन्होंने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है और जेडीयू ने सरकार के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया है. ऐसे में सरकार के खिलाफ बोलने वालों का विरोध करना उनका नैतिक दायित्व है.
वोटों के आंकड़े गिनाकर किया पलटवार
नीरज कुमार ने 2020 और 2025 के मोकामा विधानसभा चुनाव के आंकड़े सामने रखे. उनके मुताबिक,2020 में जेडीयू प्रत्याशी राजीव लोचन सिंह को उनके बूथ पर 264 वोट मिले थे,जबकि अनंत सिंह को 244 वोट मिले. वहीं,2025 में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को 437 और राजद की बीना देवी को 197 वोट मिले.
उन्होंने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 में ललन सिंह को उनके बूथ पर 399 वोट मिले थे,जबकि नीलम देवी को 171 वोट मिले. 2024 में ललन सिंह को 611 और राजद की अनिता देवी को 22 वोट मिलने का दावा भी उन्होंने किया.
प्रचार में नहीं जाने की बात स्वीकार
नीरज कुमार ने कहा कि उन्होंने अनंत सिंह का विरोध नहीं किया,बल्कि उनके प्रचार में शामिल नहीं हुए. उन्होंने पटना स्नातक सीट पर अपनी जीत को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी सीट पर कोई परेशानी नहीं है.
अनंत सिंह पर एके-47 मामले में फंसाने के आरोपों को भी नीरज ने खारिज किया. उन्होंने एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह के जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने को नीतीश कुमार और एनडीए को कमजोर करने की कोशिश बताया. हालांकि,ये सभी नीरज कुमार के अपने दावे और आरोप हैं.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
