patna:-21 साल बाद दो डीएसपी समेत 9 पुलिकर्मियों को बड़ी राहत मिली है.हिरासत में मौत मामले में आरोपी बनाए गए इन पुलिसकर्मियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है.इस दौरान इन पुलिसकर्मियों को काफी मानसिक और शारीरिक और विभागीय प्रताड़ना झेलनी पड़ी.


बताते चलें कि पटना जिले के कोतवाली में 8 नंवबर 2003 को अमित नामक संदिग्ध अपराधी की मौत हो हुई थी.पुलिस ने बताया था कि गिरफ्तारी के भय से भाग रहा अमित कुमार डिवाइडर से टकरा कर घायल हो गया था,जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया ,पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी,पर मृतक अमित कुमार की मां ने शिकायत की थी कि पुलिस उनके बेटे को घर से पकड़कर ले गयी थी और हाजत में हुई पिटाई से उसकी मौत हो गई थी.


अमित की मां की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था और तत्कालीन डीएसपी अरशद दमा और विश्वजीत दयाल के साथ ही इंस्पेक्टर सुरेन्द्र सहनी पुलिसकर्मी बृजेश पाठक,अर्जुन प्रसाद,अली शेर खां,मो. परवेज अली,मनोज कुमार,भगवती चरण मिश्रा और सिद्धेश्वर को आरोपी बनाया गया था.इस बीच इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हुई .सुनवाई के दौरान ही भगवती चरण मिश्रा का निधन हो गया था. और अंत में पटना सिविल कोर्ट के सत्र न्यायालय ने इन सभी पुलिसकर्मियों को इस केस से बरी कर दिया.